बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को राज्य के बुजुर्गों को बड़ी खुशखबरी दी है. अब बुजुर्गों को इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. बुजुर्गों को घर बैठे ही इलाज की सुविधा मिलेगी. सीएम नीतीश कुमार ने सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सबका सम्मान-जीवन आसान के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए यह फैसला लिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी घोषणा सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से की है.
बुजुर्गों को घर पर ही मिलेंगी ये सुविधाएं
1. बुजुर्गों को घर पर ही नर्सिंग सहायता सुविधा मिलेगी.
2. बुजुर्गों को उनके घर पर ही पैथोलॉजी जांच की सुविधा मिलेगी.
3. ब्लड प्रेशर मापने और ईसीजी जैसी जरूरी जांच की सुविधा भी घर पर ही मिलेगी.
4. इमरजेंसी के हालात में डॉक्टर घर पहुंचकर इलाज करेंगे.
परेशानियां होंगी कम
नीतीश सरकार का मानना है कि इससे उम्रदराज लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और उनकी परेशानियां कम होंगी. फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं भी घर तक पहुंचाई जाएंगी, जिससे बुजुर्गों को लंबे समय तक अस्पताल या क्लीनिक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. नीतीश सरकार का कहना है कि इस पहल से बिहार के लाखों बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाएं उनके दरवाजे तक पहुंचेंगी.
सीएम नीतीश कुमार ने एक्स पर पोस्ट में क्या कहा
सीएम नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के माध्यम से बताया है कि 24 नवंबर 2005 को बिहार में जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए हमलोगों ने समाज के सभी वर्ग के लोगों के उत्थान एवं हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को उन्होंने सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि अपना परिवार माना है, जहां हर सदस्य का मान, मर्यादा और हक सबसे ऊपर है.
हमलोगों ने वर्ष 2025 से 2030 तक बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने का संकल्प लिया है. इसी विजन के तहत सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है. सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना तथा उनके जीवन को और भी आसान बनाना है. सबसे पहले हमलोगों की कोशिश है कि राज्य के जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को जरूरत के समय उनके घर पर ही अत्यावश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें. इसके साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता से सुझाव भी मांगे हैं. सात निश्चय के तहत लोगों के जीवन को और आसान बनाने के लिए सरकार ने एक क्यूआर कोड जारी किया है. इसे स्कैन कर आम लोग सरकार तक अपने सुझाव और विचार पहुंचा सकते हैं.