Bihar Politics: BJP के हाथ कमान आते ही कितनी बदल जाएगी बिहार की पॉलिटिक्स?

बिहार में मुख्यमंत्री बदलने के साथ ही सूबे की पूरी सियासत बदल जाएगी. अब सूबे में बीजेपी और आरजेडी सीधे तौर पर टकराएंगे. अब तक सूबे में एनडीए के अगुवाई नीतीश कुमार कर रहे थे. लेकिन बीजेपी का सीएम बनने के बाद कमान भारतीय जनता पार्टी के साथ में आ जाएगी. इसके साथ ही सत्ता में भी बीजेपी बड़ा भाई बन जाएगी.

Bihar Politics
शशिकांत सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:47 PM IST

बिहार में नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से हटाना तय हो गया है. कल यानी 14 अप्रैल को नीतीश कुमार कैबिनेट की बैठक करेंगे. माना जा रहा है कि नीतीश कैबिनेट की ये आखिरी बैठक होगी. कल ही बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी. इसमें विधायक दल का नेता चुना जाएगा. इसके बाद एनडीए विधानमंडल दल की बैठक होगी. इसके बाद बिहार का नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा. सूबे को सिर्फ नया मुख्यमंत्री ही नहीं मिलेगा, बल्कि बिहार की सियासत पूरी तरह से बदल जाएगी. बीजेपी को बिहार में अपना पहला सीएम मिलेगा. इसके साथ ही सूबे में अब बीजेपी और आरजेडी के बीच सीधी लड़ाई होगी. बीजेपी के फ्रंट फुट पर आने से सूबे की सियासत में क्या कुछ बदल जाएगा. चलिए समझते हैं.

सीट ही नहीं, सत्ता में भी बड़े भाई की भूमिका-
बिहार में बीजेपी सीटों की लड़ाई में काफी वक्त से बड़े भाई की भूमिका में आ गई है. साल 2020 और साल 2025 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जेडीयू से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की थी. बीजेपी ने साल 2025 में 89 सीटों पर जीत दर्ज की थी. जबकि जेडीयू 85 सीटों पर जीत हासिल की थी. लेकिन अब तक सत्ता में बड़े भाई की भूमिका में नहीं आ पाई थी. अब सबकुछ तय हो चुका है. बिहार में बीजेपी सत्ता में बड़े भाई की भूमिका मिलने वाली है. बीजेपी का सीएम बनने के बाद पार्टी बिहार में फ्रंट फुट पर आ जाएगी.

20 साल में पहली बार जूनियर पार्टनर बनेगी JDU-
बिहार में नीतीश कुमार पिछले 20 सालों से सत्ता पर काबिज हैं. जेडीयू कभी आरजेडी तो कभी बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाती रही है. लेकिन इतने सालों में कभी भी बिना नीतीश कुमार के बिहार में सरकार नहीं बन पाई. जेडीयू हमेशा बड़े भाई की भूमिका में रही, चाहे सरकार आरजेडी के साथ हो या बीजेपी के साथ हो. लेकिन अब जेडीयू जूनियर पार्टनर बन जाएगी. 

बीजेपी बनाम आरजेडी-
बिहार की सियासत में अभी भी बीजेप और आरजेडी आमने-सामने है. दोनों पार्टियां दो छोर पर खड़ी है. लेकिन अब तक जेडीयू तय करती थी कि किसका पलड़ा भारी होगा. लेकिन सूबे में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने के बाद सीधा मुकाबला बीजेपी और आरजेडी के बीच हो जाएगा. अब तक फ्रंट फुट पर नीतीश कुमार थे. लेकिन सीएम बदलने के बाद बीजेपी का सीधा मुकाबला आरजेडी से होगा.

हिंदुत्व पर सीधी लड़ाई-
बिहार में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सूबे का मुखिया बदलने के बाद हिंदुत्व की लड़ाई सामने आ जाएगी. अब तक भले ही बीजेपी हिंदुत्व के मुद्दे पर आगे बढ़ती रही है. लेकिन सरकार का चेहरा नीतीश कुमार जैसे लिबरल ही रहे हैं. जिसकी वजह से आरजेडी के सियासी हमले बीजेपी पर सीधे नहीं आते थे. लेकिन जब सीएम बीजेपी का होगा तो आरजेडी का सामने से सामना भी करना पड़ेगा. आरजेडी सामाजिक न्याय के मुद्दे पर सीधे बीजेपी को निशाने पर ले सकती है.

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