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Cyber Crime: बिहटा में डिजिटल अरेस्ट कर 1.43 करोड़ की ठगी, ठग गिरफ्तार, 27 लाख रुपए फ्रीज

पटना के बिहटा में डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1 करोड़ 43 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 1 करोड़ 5 लाख रुपए आरोपी और उमेश सिंह के संयुक्त बैंक खाते में भेजे गए थे. पुलिस ने खाते में मौजूद 27 लाख रुपए फ्रीज करा दिए हैं. पकड़े गए आरोपी के पास से चार सिम, दो मोबाइल, पासबुक और ATM कार्ड बरामद किया गया है. 

Accused in police custody
gnttv.com
  • मनरे,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:17 AM IST

पटना के बिहटा में डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1.43 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी बिहटा थाना क्षेत्र के राघोपुर स्थित एसएस कॉलोनी से हुई है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान आर्यन कुमार, पिता रामजी सिंह के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, पीड़ित से कई गई ठगी की रकम में से 1.05 करोड़ रुपए कुमार आर्यन और उमेश सिंह के संयुक्त बैंक खाते में भेजे गए थे. इसमें से करीब 78 लाख रुपए की निकासी हो चुकी थी, जबकि 27 लाख रुपए खाते में शेष थे, जिसे पुलिस ने फ्रीज करा दिया है. पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और ATM कार्ड बरामद किए हैं. बरामद मोबाइल और सिम की जांच के साथ पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे साइबर नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.

और इस तरह पुलिस ने किया गिरफ्तार
दानापुर डीएसपी-2 अमरेंद्र कुमार झा के अनुसार, 17 अगस्त को NCRP पोर्टल के जरिए पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर उससे 1 करोड़ 43 लाख रुपए की ठगी की गई है.  जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का कुछ हिस्सा बिहटा राघोपुर निवासी कुमार आर्यन और उमेश सिंह के संयुक्त खातों में भेजा गया था. इसके बाद पुलिस टीम ने जांच शुरू की और कुमार आर्यन को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और उस बैंक खाते की पासबुक व ATM कार्ड बरामद हुए हैं, जिसमें ठगी की रकम मंगाई गई थी.

और कौन-कौन लोग शामिल
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि खाते से करीब 78 लाख रुपए निकाले जा चुके हैं, जबकि खाते में करीब 27 लाख रुपए मौजूद हैं. पुलिस ने संबंधित बैंक खाते को फिलहाल फ्रीज करा दिया है. अब पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है. साथ ही बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

(मनोज कुमार सिंह की रिपोर्ट)

 

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