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Cyclone Biporjoy: दिखने लगा बिपरजॉय का असर, जानिए तूफान को लेकर क्या है आईएमडी का अनुमान

चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के मंगलवार से गुरुवार के बीच गुजरात के समुद्र किनारे वाले जिलों तक पहुंचने का अनुमान है. 13 से 15 जून के बीच भारी बारिश और तेज हवाओं से कच्छ, जामनगर, मोरबी, गीर सोमनाथ, पोरबंदर और द्वारका जिलों के प्रभावित होने की आशंका है.

बिपरजॉय
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2023,
  • अपडेटेड 3:13 PM IST
  • समंदर में चलाई जा रही है मॉक ड्रिल
  • बंदरगाह प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

मौसम विज्ञान विभाग लगातार बिपरजॉय चक्रवात को लेकर चेतावनी जारी कर रहा है. IMD ने कहा है कि 15 जून के आसपास इसके उत्तर की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है. ऐसे में गुजरात से लेकर दमन दीव तक समंदर किनारे चौकसी बढ़ा दी गई है. मछुआरों को समंदर से दूर रहने की हिदायत दी गई है.

बिपरजॉय को लेकर क्या है अनुमान
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के मंगलवार से गुरुवार के बीच गुजरात के समुद्र किनारे वाले जिलों तक पहुंचने का अनुमान है. 13 से 15 जून के बीच भारी बारिश और तेज हवाओं से कच्छ, जामनगर, मोरबी, गीर सोमनाथ, पोरबंदर और द्वारका जिलों के प्रभावित होने की आशंका है. ऐसे में तूफान से बचाव की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं. केंद्र शासित प्रदेश दमन में कोस्ट गार्ड के जवानों ने मॉक ड्रिल की। जिसके जरिए तूफान से निपटने की तैयारियों को परखा गया.

समंदर में चलाई जा रही है मॉक ड्रिल
इस मॉक ड्रिल के दौरान समुद्र की उफनती लहरों पर एक नाव हिचकोले खाती दिखी. फिर कोस्ट गार्ड के जवान हेलीकॉप्टर के जरिए उस हिचकोले खाती नाव की तरफ बढ़ते दिखे. फिर हेलीकॉप्टर से रस्सी फेंक कर नाव में सवार लोगों को बचाया गया. इसी तरह गुजरात में NDRF और SDRF के जवानों की टीमों को समुद्र किनारे वाले इलाकों में तैनात कर दिया गया है. मतलब समंदर किनारे गश्त बढ़ा दी गई है. ताकि कोई समंदर में न जा सके. साथ ही मछुआरों को भी समंदर से दूर रहने की हिदायत दी गई है. और जो मछुआरे समंदर में मछली पकड़ने गए हैं, उन्हें भी वापस बुलाया जा रहा है. कई जिलों में लोगों के लिए शेल्टर होम भी बना दिए गए हैं. ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को वहां पहुंचाया जा सके. चक्रवाती तूफान बिपरजॉय को देखते हुए कच्छ जिले के जखौ बंदरगाह को खाली करवा दिया गया है.

बंदरगाह प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
वहां समंदर किनारे नावों को खड़ा करवा दिया गया है. नावों को रस्सियों की मदद से मजबूती से बांधा गया है. इस बीच दीनदयाल बंदरगाह प्रशासन ने एक वीडियो जारी किया और अपनी तैयारियों के बारे में बताया. वहां भी नाव और दूसरे छोटे जहाजों को रस्सियों से बांध दिया गया है. शिप के मालिक और कर्मचारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है. इस बीच केंद्र और राज्य सरकार भी मौसम की चाल पर बारीकी से नजर रखे हुए है.  

 

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