दिल्ली की जनता के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने 12 साल बाद राजधानी में नए राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया फिर से शुरू करने का फैसला किया है. गौरतलब है कि आखिरी बार 2013 में राशन कार्ड बनाए गए थे. इसके बाद हजारों परिवारों ने आवेदन तो किए, लेकिन उन्हें कोई अपडेट नहीं मिल पाया.
इतने लाख राशन कार्ड के आवेदन हैं पेंडिंग में
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस समय दिल्ली में 2.89 लाख से ज्यादा राशन कार्ड आवेदन पेंडिंग हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित आवेदनों, राशन वितरण व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्थिति की समीक्षा की. बैठक में तय किया गया कि किसी भी योग्य परिवार को खाद्य सुरक्षा से वंचित नहीं छोड़ा जाएगा.
इतने लोग मुफ्त अनाज का उठा रहे लाभ
दिल्ली में फिलहाल 17.42 लाख राशन कार्ड हैं, जिनके माध्यम से 72.50 लाख से ज्यादा लोग मुफ्त अनाज का लाभ उठा रहे हैं. ये अनाज केंद्र सरकार की योजना के तहत दिया जा रहा है. राशन कार्ड दो श्रेणियों अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता गृहस्थ में जारी किए जाते हैं.
...तो कटेंगे सूची से नाम
सरकार अब न सिर्फ नए कार्ड जारी करेगी, बल्कि योग्य परिवारों की पहचान और वेरिफिकेशन का काम भी तेज किया जाएगा. जो लोग पात्र नहीं पाए जाएंगे, उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे. साथ ही पेंडिंग आवेदनों का निपटारा किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें हटाना और वास्तविक जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंचाना है. इसके लिए ई-केवाईसी अभियान को भी गति दी जाएगी, ताकि सभी योग्य परिवारों को समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन मिल सके.
(सुशांत मेहरा की रिपोर्ट)