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पहले एग्जाम फिर शादी... लाल जोड़े में परीक्षा देने गयी दुल्हन

शादी की तारीख फिक्स होने के बाद एग्जाम की डेट आई थी. जिसके बाद शादी का मुहूर्त थोड़ा लेट कर दिया गया और शिवांगी शादी से पहले परीक्षा देने गयी.

शादी से पहले एग्जाम देने गयी दुल्हन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 23 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:22 PM IST
  • शादी से पहले एग्जाम देने गयी दुल्हन
  • राजकोट की सौराष्ट्र युनिवर्सिटी में चल रही थी परीक्षा

गुजरात के राजकोट में आज से सौराष्ट्र युनिवर्सिटी में परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर शादियों का भी माहौल चल रहा है.  पर एक दुल्हन ऐसी भी है जिसने शादी से पहले एग्जाम देना जरूरी समझा और इस काम में दूल्हे ने भी अपनी दुल्हन का पूरा साथ दिया. राजकोट की रहने वाली शिवांगी बगथरिया की 22 नवंबर को परीक्षा भी थी और शादी भी.  ऐसे में शिवांगी ने शादी से पहले परीक्षा देना ज्यादा जरूरी समझा और शादी के जोड़े में ही एग्जाम देने सेंटर पहुंच गयीं.  

सौराष्ट्र युनिवर्सिटी में जब शिवांगी शादी का जोड़ा पहनकर परीक्षा देने पहुंची तो वहां  परीक्षा देने आए लोग भी आश्चर्य में पड़ गए.  दरअसल, शिवांगी की 22 नवंबर को बैचलर ऑफ़ सोशल वर्क की परीक्षा थी और उसी तारीख को उनकी शादी भी थी. पढ़ाई ख़त्म कर सामाजिक कार्य करना शिवांगी के लिए बहुत महत्त्व रखता है  जिसके लिए पढ़ाई करना बहुत जरुरी है. ये ध्यान में रखते हुए शिवांगी अपनी शादी के दिन ही शादी का जोड़ा पहनकर एग्जाम देने पहुंची थी.  

एग्जाम की वजह से लेट किया गया शादी का मुहूर्त

शादी की तारीख फिक्स होने के बाद एग्जाम की डेट आई थी. जिसके बाद शादी का मुहूर्त थोड़ा लेट कर दिया गया और शिवांगी शादी से पहले परीक्षा देने गयी. शिक्षा को महत्त्व देकर शिवांगी बगथरिया ने समाज को नया रास्ता दिखाया है. शिवांगी अभी BSW की पढ़ाई कर रही है और 22 नवंबर को  उनकी  BSW सेमेस्टर-5 की परीक्षा थी. जहां शिवांगी ठीक शादी से पहले अपने होने वाले पति के साथ कॉलेज में दुल्हन के जोड़े में परीक्षा देने पहुंची. उसके बाद ही वो शादी के मंडप में सारी रस्में पूरी करने के लिए पहुंची थी.  

समाज को नया रास्ता दिखाने की कोशिश

शादी से ज्यादा शिवांगी बगथरिया और उनके परिवार ने शिक्षा को महत्त्व देकर समाज को नया रास्ता दिखाने की कोशिश की है. शिवांगी के पति पार्थ का कहना है की शादी से ज्यादा हमने शिक्षा को महत्त्व दिया है. जब हमें पता चला की शादी और शिवांगी की परीक्षा की तारीख एक ही दिन है तो पहले हमने सोचा की शादी कैंसिल करते हैं. पर बाद में सभी सलाह पर हमने शादी के दिन ही शिवांगी को परीक्षा दिलवाई और शादी का मुहूर्त थोड़ा लेट रखा. शादी के दिन ही शिवांगी को परीक्षा देने भेजकर उनके परिवार ने समाज को ये संदेश दिया है कि शादी से ज्यादा शिक्षा का महत्त्व है. 

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