ईरान में चल रहे युद्ध के बीच भारत, खासकर कश्मीर से सामने आ रही इंसानियत की कहानियां लोगों को भावुक कर रही हैं. यहां के लोग युद्ध से प्रभावित नागरिकों की मदद के लिए नकद, सोना और घरेलू सामान तक दान कर रहे हैं. एक कश्मीरी महिला की कहानी ने सभी का दिल छू लिया, जिसने अपने दिवंगत पति की याद में संभालकर रखा सोना भी दान कर दिया. चलिए आपको बताते हैं पूरी कहानी क्या है.
दरअसल, ईरान में जारी संघर्ष के बीच कश्मीर घाटी से मदद और सहानुभूति की एक अनोखी मिसाल सामने आई है. यहां के लोग युद्ध पीड़ितों की सहायता के लिए दिल खोलकर दान कर रहे हैं. सबसे भावुक करने वाली घटना एक कश्मीरी महिला की है, जिसने लगभग 28 साल से संभालकर रखा सोना दान कर दिया. यह सोना उसके पति की आखिरी निशानी था, जिनका निधन करीब तीन दशक पहले हो गया था.
ईरान के दूतावास ने इस घटना को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए महिला के जज्बे को सलाम किया. दूतावास ने लिखा कि 'आपकी भावनाएं और आंसू हमारे लिए सबसे बड़ी ताकत हैं.' इस संदेश ने लोगों को और भी भावुक कर दिया.
पति की आखिरी निशानी कर
बता दें कि, घाटी के कई इलाकों, खासकर बडगाम और अन्य शिया बहुल क्षेत्रों में मस्जिदों के बाहर विशेष स्टॉल लगाए गए हैं. यहां लोग नकद, गहने, तांबे के बर्तन और यहां तक कि पशुधन भी दान कर रहे हैं. इस मुहिम में हर वर्ग के लोग शामिल हैं. महिलाओं ने सबसे आगे रहकर अपने गहने और कीमती सामान दान किए हैं, जबकि बच्चों ने भी अपनी गुल्लक और जेब खर्च तक दे दिया. युवाओं की टीमें घर-घर जाकर लोगों को इस अभियान से जोड़ रही हैं, खासकर ईद के बाद यह अभियान और तेज हो गया है.
दूतावास द्वारा शेयर की गई तस्वीरें
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल केवल मदद नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव भी है. श्रीनगर के रैनावारी निवासी एजाज अहमद ने कहा, 'ईरान में जो तबाही हो रही है, वह बहुत दुखद है. ऐसे समय में दुनिया के लोगों को आगे आकर मदद करनी चाहिए.' ईरान दूतावास द्वारा साझा की गई तस्वीरों में दान की गई वस्तुओं का बड़ा संग्रह देखा जा सकता है, जिसमें नकदी, गहने और बर्तन शामिल हैं. दूतावास ने भारत के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी यह दरियादिली हमेशा याद रखी जाएगी.
बताया जा रहा है कि 14 मार्च को दूतावास ने भारत में लोगों से सहायता के लिए बैंक विवरण शेयर किए थे, लेकिन बाद में बैंकिंग से जुड़ी कुछ दिक्कतों के कारण लोगों से सीधे नई दिल्ली स्थित दूतावास में नकद दान करने की अपील की गई. भारत और ईरान के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध रहे हैं. भारत में बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग रहते हैं, जिनका ईरान से गहरा जुड़ाव है. इस कठिन समय में कश्मीर से सामने आई ये कहानियां यह साबित करती हैं कि इंसानियत की कोई सीमा नहीं होती.
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