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Agriculture Budget 2022: किसानों को DBT के जरिए दिए जाएंगे 2.37 लाख करोड़ रु.,जानिए बजट में कृषि क्षेत्र को क्या मिला

किसानों को हाईटेक बनाने के लिए PPP मॉडल शुरू किया जाएगा. बजट में इसबार प्राकृतिक, जीरो बजट और आर्गेनिक फार्मिंग, आधुनिक कृष्ण, मूल्य संवर्धन और प्रबंधन पर जोर दिया गया है.

कृषि बजट 2022
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST
  • गंगा किनारे ऑर्गेनिक खेती पर सरकार का जोरड्रोन के जरिए कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देंगे
  • ड्रोन के जरिए कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देंगे

देश का दूसरा पेपरलेस बजट मंगलवार को पेश किया गया. वित्त मंत्री ने इसे मेड इन इंडिया टैब पर पढ़ा. इस बजट में कृषि क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं की गईं. सीतारमण ने कहा कि इस बजट से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा, इसके साथ, किसानों को हाईटेक बनाने के लिए PPP मॉडल शुरू किया जाएगा. बजट में इसबार प्राकृतिक, जीरो बजट और आर्गेनिक फार्मिंग, आधुनिक कृष्ण, मूल्य संवर्धन और प्रबंधन पर पूरा जोर दिया गया है.

किसान ड्रोन्स के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा

वित्त मंत्री ने कहा कृषि सम्बंधी कार्यों के लिए 'किसान ड्रोन्स' के प्रयोग को बढ़ावा भी दिया जाएगा. इन किसान ड्रोन्स का प्रयोग कृषि फसलों का आकलन करने में किया जाएगा.भू-दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन में भी किसान ड्रोन्स का इस्तेमाल होगा. 

पांच रीवर लिंक्स के ड्राफ्ट को मिला अंतिम रूप

वित्त मंत्री ने बताया कि पांच रिवर लिंक्स के ड्राफ्ट को अंतिम रूप मिल चुका है. 44,560 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से केन-बेतवा लिंक परियोजना को लागू किया जाएगा. इस योजना से 9.08 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी. इसके साथ इसकी मदद से 62 लाख लोगों के लिए पेयजल की आपूर्ति भी की जाएगी.
 
2.37 लाख करोड़ रुपये डीबीटी के जरिये दिए जाएंगे

रेलवे छोटे किसानों तथा लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए लॉजिस्टिक सेवाओं को विकसित करेगा. रबी 2021-22 में 163 लाख किसानों से 1208 लाख मीट्रिक टन गेंहूं और धान खरीदा जाएगा. वित्त मंत्री ने आगे कहा कि किसानों को 2.37 लाख करोड़ रुपये डीबीटी के जरिये दिए जाएंगे. इसके साथ देशभर में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इस बार के बजट में तिलहनों के घरेलू उत्पादन बढ़ाने के एक व्यपक योजना चलाई जाएगी

साल 2023 को 'मोटा अनाज वर्ष' घोषित किया गया है

वित्त मंत्री ने सबसे पहले कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि भारत अपनी विकास यात्रा जारी रखेगा. उन्होंने समग्र कल्याण, निजी निवेश को बढ़ावा देना, बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाना, महामारी से लड़ने जैसी चीजों को जिक्र करते हुए इस बार का बजट पेश किया. इस बार के बजट में अगले 25 साल का ब्लूप्रिंट दर्शाया गया है. साथ ही साल 2023 को 'मोटा अनाज वर्ष' घोषित किया गया है. 

और क्या क्या मिला बजट में

-गंगा किनारे ऑर्गेनिक खेती पर सरकार का जोर

-सिंचाई-पेयजल सुविधा बढ़ाने पर जोर

-कृषि यूनिवर्सिटी का विस्तार किया जाएगा

-क्रेडिट लाइन स्कीम से मदद
 


 
 

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