लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच तीखी बहस हुई. राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को कोट करते हुए डोकलाम के लेकर अपनी बात कही. इसपर रक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसी कोई किताब छपी नहीं है. इसको लेकर पक्ष और विपक्ष में खूब बहस हुई.
राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा-
राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे की किताब का हवाला देकर कहा कि चीन के टैंक कैलाश रीक्ष पर चढ़ रहे थे. इसको लेकर सदन में हंगामा हुआ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जिस किताब का जिक्र कर रहे हैं. ऐसी कोई किताब छपी ही नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर तथ्य सही होते तो किताब छपी होती.
इसपर अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी भ्रामक तथ्य पेश कर रहे हैं.
इसके बाद अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के समर्थन में उतरे. अखिलेश यादव ने कहा कि चीन की मुद्दा संवेदनशील मुद्दा है, इसपर नेता प्रतिपक्ष को बोलने देना चाहिए.
स्पीकर ओम बिड़ला ने राहुल गांधी को टोका और कहा कि आपको नियमों के हिसाब से बोलना चाहिए. आप किताब को कोट नहीं कर सकते.
निशिकांत दुबे ने बताया नियम-
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया. उन्होंने कहा कि 349 (1) में कहा गया है कि न्यूज पेपर और लेटर को नहीं पढ़ा जा सकता है. निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि कांग्रेस ने सैटेनिक वर्सेज पर चर्चा नहीं करने दिया. हमारे लीडर लालकृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी उसपर चर्चा करना चाहते थे.
इसपर स्पीकर ने कहा कि मैं पहले ही व्यवस्था दे चुका हूं कि अखबार की कटिंग, किताब, ऐसे विषय जो ऑथेंटिक नहीं है, उसपर... सदन में चर्चा की परंपरा नहीं रही है. नियम भी कहता है और परंपरा भी रहा है. इसलिए आप परंपरा का पालन कीजिए.
स्पीकर ने नियम बताया कि 349 में कहा गया है कि ऐसी पुस्तक, समाचार पत्र नहीं पढ़ा जाएगा, जिसका सभा की कार्यवाही से कोई संबंध ना हो.
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