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इंस्टाग्राम पर सस्ते सोलर पैनल का विज्ञापन देखा, 40% एडवांस लेकर 15 दिन में डिलीवरी का था वादा...लेकिन हो गई साइबर ठगी

भगीरथभाई के मुताबिक, 1 सितंबर को उन्होंने इंस्टाग्राम पर अडानी टॉप-कॉन सोलर पीवी मॉड्यूल से जुड़ी एक रील देखी. गुजरात में इन दिनों सोलर पैनल की कमी के कारण उन्हें विज्ञापन में दिखाई गई कीमत आकर्षक लगी.

Solar Panel Scam
ब्रिजेश दोशी
  • भावनगर,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:08 PM IST
  • इंस्टाग्राम पर सस्ते सोलर पैनल का विज्ञापन देखना पड़ा महंगा
  • भावनगर के कारोबारी से 19.35 लाख की ठगी

गुजरात के भावनगर में सस्ते दाम पर सोलर पैनल खरीदने की कोशिश एक कारोबारी को भारी पड़ गई. इंस्टाग्राम पर अडानी के सोलर पैनल से जुड़ा विज्ञापन देखकर कारोबारी ने संपर्क किया. सामने वाले ने मुंबई की कंपनी का प्रतिनिधि बनकर 15 दिन में माल पहुंचाने का भरोसा दिया. कारोबारी ने भरोसा करके 19.35 लाख रुपए एडवांस में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए, लेकिन न तो सोलर पैनल पहुंचे और न ही रकम वापस मिली. मामला भावनगर में सौर छत का कारोबार करने वाले भगीरथभाई से जुड़ा है. उन्होंने इस मामले में साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने अमन सिंह नाम के व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

इंस्टाग्राम रील देखकर किया था संपर्क
भगीरथभाई के मुताबिक, 1 सितंबर को उन्होंने इंस्टाग्राम पर अडानी टॉप-कॉन सोलर पीवी मॉड्यूल से जुड़ी एक रील देखी. गुजरात में इन दिनों सोलर पैनल की कमी के कारण उन्हें विज्ञापन में दिखाई गई कीमत आकर्षक लगी. इसके बाद 4 सितंबर को उन्होंने रील में दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया. कुछ समय बाद अमन सिंह नाम के व्यक्ति ने उनसे बातचीत शुरू की. उसने खुद को 'सनरूफ एनर्जी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड' से जुड़ा बताया. इसके बाद कंपनी के नाम से 49.60 लाख रुपए का कोटेशन भेजा गया.

40% एडवांस मांगा, 15 दिन में डिलीवरी का भरोसा
अमन सिंह ने कारोबारी से कहा कि कुल रकम का 40 प्रतिशत एडवांस देने पर सोलर पैनल की डिलीवरी 15 दिन के भीतर कर दी जाएगी. कारोबारी ने उसकी बात पर भरोसा किया और 7 सितंबर को 19.35 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए. भुगतान के बाद भगीरथभाई डिलीवरी का इंतजार करते रहे. तय समय निकलने के बावजूद सोलर पैनल नहीं पहुंचे. शुरुआत में उन्हें लगा कि किसी वजह से सप्लाई में देरी हो रही है.

व्यापारियों के ग्रुप में संदेश देखकर हुआ शक
14 सितंबर को व्यापारियों के एक ग्रुप में कुछ संदेश और अखबार की कतरनें सामने आईं. इनमें इसी कंपनी और उससे जुड़े लेनदेन को लेकर शिकायतों का जिक्र था. इसके बाद भगीरथभाई को अपने साथ भी धोखा होने की आशंका हुई. जांच करने पर उन्हें पता चला कि राजकोट के भावेशभाई, डीसा के रोहितकुमार और धार्मिकभाई समेत कुछ अन्य विक्रेताओं से भी एडवांस रकम लिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं. आरोप है कि रकम लेने के बाद संबंधित लोगों को सोलर पैनलों की सप्लाई नहीं की गई. इसके बाद भगीरथभाई ने अमन सिंह से संपर्क करने की कोशिश की. शुरुआत में बातचीत करने वाला अमन बाद में फोन उठाना बंद कर दिया. तब कारोबारी ने भावनगर साइबर क्राइम थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.

इन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमन सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है.

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