बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी संगठन और मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है. गुरुवार की शाम प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महमंत्री धर्मपाल सिंह ने पहले राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ बैठक की और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नबीन के साथ मुलाकात की. दरअसल, इन दोनों मुलाकातों को उत्तर प्रदेश में बदलावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. पिछले एक हफ्ते में यूपी बीजेपी ने एक बड़ी एक्सरसाइज की है. माना जा रहा है यूपी में बड़े सांगठनिक बदलाव के साथ-साथ मंत्रिमंडल विस्तार पर यह चर्चा हुई है और जल्द ही संगठन के नए स्वरूप के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार भी हो जाएगा.
कई मंत्रियों के कामकाज की खंगाली गई है कुंडली
माना जा रहा है भाजपा अपने सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए निगम आयोग और बोर्ड में समायोजन करना चाहती है ताकि मंत्रिमंडल विस्तार के पहले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संतुष्ट किया जा सके. मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी कयास तेज हो गए हैं. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में दर्जन भर फेर बदल हो सकता है. कई मंत्रियों के कामकाज की कुंडली खंगाली गई है. माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंत्रिमंडल विस्तार में अपनी पसंद और नापसंद से अवगत करा दिया है. हो सकता है इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंद के लोग भी लिए जाएं.
6 मंत्रिमंडल में जगह है खाली
पिछले एक महीने में यूपी बीजेपी में कई Brain Storming बैठकें हुई हैं. मोहन भागवत से मुख्यमंत्री और दोनों मुख्यमंत्री की मुलाकात के अलावा विनोद तावड़े चार दिन पहले लखनऊ आकर सभी भाजपा के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात हो चुकी है. यही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी कई बैठकें हो चुकी हैं. दिल्ली में बैठे प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात को अब आखिरी दौर की चर्चा माना जा रहा है. चर्चा है कि 6 मंत्रिमंडल में जगह खाली है जबकि आधे दर्जन लोगों को बदला जा सकता है. यूपी में यह बदलाव कभी भी हो सकते हैं.