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Chenab Bridge: दुनिया के सबसे बड़े पुल चिनाब ब्रिज के बारे में जान लीजिए ये छह बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह जून को चिनाब ब्रिज का उद्घाटन करेंगे. यह ब्रिज बेमिसाल इंजीनियरिंग का एक नमूना है. आइए उद्घाटन से पहले जानते हैं ब्रिज से जुड़ी कुछ खास बातें.

Chenab River Bridge
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 जून 2025,
  • अपडेटेड 4:31 PM IST

जम्मू-कश्मीर में बना चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है. यह चिनाब नदी से 359 मीटर ऊपर खड़ा है यानी एफिल टॉवर से भी ज़्यादा ऊंचा. यह उद्धमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन (USBRL) का हिस्सा है जो कश्मीर को बाकी भारत से जोड़ेगा. आइए जानते हैं इस ब्रिज से जुड़ी छह खास बातें.

1. आसमान छूती ऊंचाई
चिनाब ब्रिज रियासी जिले में बक्कल और कौरी के बीच है. ये नदी से 359 मीटर (लगभग 1,178 फीट) ऊपर है, यानी एफिल टॉवर से 35 मीटर ज़्यादा! इसकी लंबाई 1,315 मीटर है, और इसका 467 मीटर लंबा आर्च दुनिया में सबसे बड़ा है. स्टील और कंक्रीट से बना ये ब्रिज देखने में भी गज़ब का है. 

2. मज़बूत और टिकाऊ
इस ब्रिज को जम्मू के रियासी के मौसम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यह ब्रिज इतना मजबूत है कि 266 किमी/घंटा की हवा, 8 तीव्रता का भूकंप और -20 डिग्री ठंड भी बर्दाश्त कर सकता है. इसमें 27,000 टन स्टील लगा है. वह भी विस्फोट-प्रूफ! इसे 120 साल तक चलने के लिए बनाया गया है. खास टेक्नॉलजी की मदद से इसे इतना मज़बूत बनाया गया कि हिमालय की मुश्किल ज़मीन भी इसे डिगा नहीं सकती. 

3. कश्मीर को जोड़ने का कमाल
चिनाब ब्रिज यूएसबीआरएल प्रोजेक्ट का केंद्र बिंदू है. यह जम्मू-कश्मीर को पूरे साल ट्रेन से जोड़ेगा. 272 किमी की इस रेल लाइन से जम्मू से श्रीनगर का सफर बस 3.5 घंटे में हो जाएगा. इससे कश्मीर में टूरिज़्म, खेती (खासकर सेब), और बिज़नेस को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा.

4. बनाना था बड़ा चैलेंज
इस ब्रिज को बनाना आसान नहीं था. इसका काम 2002 में शुरू हुआ लेकिन मुश्किल ज़मीन और सेफ्टी की वजह से रुका. साल 2010 में फिर शुरू हुआ और अप्रैल 2021 में इसका आर्च पूरा हुआ. अगस्त 2022 तक ब्रिज तैयार हो गया. इसमें 25,000 टन स्टील, 46,000 क्यूबिक मीटर कंक्रीट, और ढेर सारी मेहनत लगी. पुल के निर्माण में कुल खर्च 14.86 अरब रुपये आया. 

5. टेस्टिंग और उद्घाटन
जून 2024 में इस पर पहली बार आठ डिब्बों वाली ट्रेन दौड़ी. यह ट्रेन 46 किमी के इलेक्ट्रिक रूट पर चलाकर पुल की टेस्टिंग की गई. अब छह जून 2025 को पीएम नरेंद्र मोदी इसे खोलेंगे और वंदे भारत एक्सप्रेस भी शुरू होगी. ब्रिज में 25 किलोवोल्ट का खास इलेक्ट्रिक सिस्टम है जो भारतीय रेलवे में पहली बार इस्तेमाल हुआ. 

6. टूरिज़म को मिलेगा बूस्ट
यह ब्रिज सिर्फ़ रेलवे के लिए नहीं, टूरिस्ट्स के लिए भी बड़ा आकर्षण है. हिमालय की खूबसूरती के बीच ये ब्रिज देखने लायक है. इससे कश्मीर जाना आसान होगा. ऐसा होगा तो इलाके में नौकरियां बढ़ने की भी उम्मीद है. चिनाब ब्रिज सिर्फ़ एक ब्रिज नहीं, भारत की ताकत और इरादों का प्रतीक है. ये मुश्किल रास्तों को आसान बनाएगा और कश्मीर को देश से और करीब लाएगा. इसकी ऊंचाई, ताकत, और खूबसूरती इसे दुनिया में खास बनाती है. 

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