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बिलासपुर की आयरन लेडी हैं अनीता दुआ, अपनी हिम्मत से दी 3 कैंसर को मात, अब चौथे से लड़ रहीं

छत्तीसगढ़ में बिलासपुर की अनीता दुआ को उनकी हिम्मत और हौसले के लिए जाना जाता है. अनीता दुआ अब तक तीन कैंसर को मात दे चुकी हैं और अब चौथे कैंसर से लड़ रहीं हैं.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 26 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:17 PM IST
  • खो चुकी हैं पति और बेटे को 
  • 57 साल की उम्र में शुरू की मॉडलिंग

आज के जमाने में छोटी सी बिमारी कब बड़ी बन जाए पता नहीं चलता. ऐसे में, कैंसर जैसी बिमारी हो जाए तो लोग नाम सुनकर ही हिम्मत हार जाते हैं. लेकिन अगर आप अपनी हिम्मत और सकारात्मक सोच बनाए रखें तो किसी भी बिमारी को हरा सकते हैं. और इस बात को साबित किया है छत्तीसगढ़ में बिलासपुर की अनीता दुआ ने.  

62 साल की अनीता अब तक तीन कैंसर को मात दे चुकी हैं और चौथे कैंसर से लड़ रही हैं. लेकिन उन्हें कोई डर या गम नहीं है बल्कि वह लोगों को पूरे दिल से जीने की सलाह देती हैं. साल 1992 में उन्हें गर्भाशय का कैंसर था, फिर 2017 में, स्तन कैंसर और 2020 में कॉलर बोन कैंसर. लेकिन तीनों बार उन्होंने कैंसर को मात दी. 

खो चुकी हैं पति और बेटे को 
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कुछ महीने पहले, उन्हें गले के कैंसर का पता चला था, जिसका वे इलाज करवा रही हैं. अनीता ने 1997 में अपने पति और लगभग 15 साल पहले अपने इकलौते बेटे को खो दिया. लेकिन वह आज भी जिंदगी को जिंदादिली से जीने की कोशिश कर रही हैं. 

इस पूरे सफर में उनकी बेटी निधि, जो छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक कोर्ट मैनेजर है, उनका सबसे मजबूत सहारा बनी हुई है. 

57 साल की उम्र में शुरू की मॉडलिंग
उन्होंने 57 साल की उम्र में मॉडलिंग में कदम रखा था. तब से सौंदर्य प्रतियोगिताओं में अनीता 15 खिताब जीत चुकी हैं. वह हमेशा एक दर्द के बीच मुस्कान बिखेरती हैं. उन्हें दिए गए कुछ खिताबों में 'छत्तीसगढ़ की दिवा', 'फेस ऑफ द ईयर', 'बेस्ट रैंप वॉक', 'बेस्ट स्माइल' और 'इनर ब्यूटी क्राउन' शामिल हैं. 

इतना ही नहीं, उन्होंने 58 शिविरों में रक्तदान भी किया है. अनीता ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "आप कभी नहीं जानते कि कैसे एक सरल, सुरक्षित तरीके से रक्तदान करना किसी के जीवन में बदलाव ला सकता है."

खाने बनाने का है शौक 
अनीता का कहना है कि योग करने से उनके जीवन में काफी बदलाव आया है. उन्हें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से 'इंस्पायर वुमन' पुरस्कार मिला है. वह नियमित रूप से नि:शुल्क योग कक्षाएं लेती हैं. स्वास्थ्य और कैंसर के बारे में जागरूकता पैदा करने में उनके योगदान के लिए, उन्हें अक्सर 'बिलासपुर की आयरन लेडी' के रूप में जाना जाता है.

अनीता को खाना बनाने का भी बहुत शौक है. उन्होंने 'मलिका-ए-रसोई', 'रसोई की सुपरस्टार', 'किचन क्वीन' और 'रसोई की रानी' जैसे खिताब जीते हैं. उन्हें व्यंजनों के साथ प्रयोग करने का शौक है. 

 

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