उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली शक्तियों पर तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं. युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के बजाय अराजकता के औजार थमाने की कोशिश की जा रही है.
षड्यंत्रों के अंधड़ भारत के लोकतंत्र को नहीं हिला सकते
चुनाव सुधार का मुखौटा और न्याय का नारा देकर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनविश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है. षड्यंत्रों के अंधड़ भारत के लोकतंत्र को नहीं हिला सकते.
देश ऐसी सियासी साजिश को कभी सफल नहीं होने देगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी युवाशक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं. राजनीति के मारीचों और कालनेमियों को जनता ने पहचानकर सत्ता से दूर रखा है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हथियाने की कोशिश की जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि देश ऐसी सियासी साजिश को कभी सफल नहीं होने देगा.
रक्षा मंत्री ने भी बोला था बड़ा हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस व उसके सहयोगी संगठन बांग्लादेश की तर्ज पर शासन बदलना चाहते हैं और एक प्रेस वार्ता में खुलकर कहते हैं कि उसने शासन बदलने की प्रेरणा बांग्लादेश से ली है, तो दूसरा डंके की चोट पर सरकार गिराने की बात करता है. उन्होंने कहा कि यह साफ करता है कि इनका इकलौता एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है.
शासन बदलने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे पता चलता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार, एसआईआर, ज्ञानेश कुमार को लेकर नहीं है. इनकी लड़ाई देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी साजिश है.उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को यह समझना होगा लोकतंत्र में अराजकता देश के विकास में बाधा है. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी इसी दिशा में एक संकेत है.