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Ayodhya Mosque: अयोध्या में बनने वाली मस्जिद में होगी शाकाहारी रसोई, एक साथ 9 हजार लोग कर पाएंगे नमाज, जानिए मस्जिद से जुड़ी सभी खास बातें

अयोध्या के राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है. अयोध्या में अब जल्द ही मस्जिद बनाने का काम भी शुरू हो जाएगा. सरकार ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन दी थी. बाबरी मस्जिद की जगह किसी दूसरे स्थान पर मस्जिद का निर्माण होगा.

Ayodhya Mosque
आशीष श्रीवास्तव
  • अयोध्या,
  • 02 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 12:58 PM IST

अयोध्या में राम मंदिर के बाद मस्जिद का काम शुरू होने की कवायद शुरू हो गई है. बाबरी मस्जिद की जगह दूसरी पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद निर्माण की रूप रेखा तैयार कर ली गई है. इस मस्जिद का नाम बदलकर प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी मौलवी अहमदुल्ला शाह फैजाबादी के नाम पर रखा गया है. इस हिसाब से मस्जिद का नाम मोहम्मद बिन अब्दुल्ला मस्जिद कर दिया गया है. मौलवी अहमदुल्ला शाह फैजाबादी हिंदू मुस्लिम एकता के बड़े पैरोकार थे. उन्हें फैजाबाद की गंगा जमुनी तहजीब का पैरोकार माना जाता था. उन्होंने अवध को ब्रिटिश सरकार के आजाद करवाने के लिए आंदोलन चलाया था.

होगी सबसे बड़ी मस्जिद
अयोध्या मस्जिद का नया डिजाइन पुणे स्थित आर्किटेक्ट इमरान शेख ने तैयार किया है. अयोध्या में मोहम्मद बिन अब्दुल्ला मस्जिद की आधारशिला इमाम-ए-हरम द्वारा रखे जाने की उम्मीद है. कहा जा रहा है कि यह मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिद होगी. हाजी शेख को महाराष्ट्र बीजेपी के अल्संख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष है. यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने हाजी शेख को मस्जिद के विकास के लिए नामित किया है.

हाजी शेख के मुताबिक, यह पहली मस्जिद होगी जिसमें सुन्नी शिया और तब्लीगी के लिए विशेष रूप से एक पवित्र जगह होगी. सभी वर्गो में कोई भेद भाव नहीं होगा. 340 फिट की ऊंचाई में पांच मिनारें होंगी जो इस्लाम के पांच सिद्धांत शहादा, सलाह, साम, जकात और हंज को प्रदर्शित करेंगी. इसमें 9000 हजार लोग नामाज अदा कर सकेंगे. नमाज हाल में 5 प्रवेश होंगे. महिला नमाजियों के लिए भी खास होगा.

सबसे बड़ी कुरान
नमाज़ियों के अलावा मस्जिद पर्यटक के लिए प्रमुख आकर्षण होगी. मस्जिद में 21 फ़ीट गुना 36 फ़ीट की दुनिया की सबसे बड़ी कुरान रखी जाएगी. मिडिल ईस्ट की तरह रमज़ान के दौरान साल में एक बार कुरान का पाठ किया जाएगा. कुरान के पन्ने पलटने के लिए एक ऑटोमैटिक सिस्टम होगा. वहीं मस्जिद के एक भाग में मछलीघर या अंडरवाटर चिड़ियाघर होगा. इसकी मीनारों को इस तरीके से डिजाइन किया जा रहा है कि अजान के समय पांच मीनारों में फ़व्वारा निकलेगा. मस्जिद से संदेश दिया जाएगा कि वह ख्वाजा गरीब नवाज को मानने वाले हैं. संदेश दिया जाएगा कि वह उस बाबर को मानने वाले नहीं हैं, जो भारत को लूटने आया था.

शाकाहारी रसोई बनाई जाएगी
इसके अलावा मस्जिद में शुद्ध शाकाहारी रसोईघर होगा जो अजमेर शरीफ़ के सौजन्य से विकसित किया जाएगा. शाकाहारी सामुदायिक रसोई चलाने के पीछे वजह है कि इस्लाम पूरी तरह से प्रेम और शांति फैलाने में विश्वास करता है. इस रसोई के जरिए 5000 से अधिक लोग रसोई में ताज़ा पका हुआ शाकाहारी भोजन खा सकते हैं. इसके अलावा 500 बेड का अस्पताल भी बनाया जाएगा. इस हॉस्पिटल को कैंसर अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा.

 

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