अलवर के वैशाली नगर थाना पुलिस साइबर अपराधियों की तलाश में टहला थाना क्षेत्र के बीघोता गांव पहुंची थी. पुलिस टीम को इन आरोपियों की काफी समय से तलाश थी. जैसे ही पुलिस गांव में पहुंची, आरोपियों को इसकी भनक लग गई और वे मौके से भागने की कोशिश करने लगे.
मंदिर की छत पर चढ़े आरोपी
पुलिस से बचने के लिए दोनों आरोपी पास के एक मंदिर पर चढ़ गए. बताया जा रहा है कि वे पहाड़ पर बने मंदिर की छत पर जाकर छिपने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन पुलिस को देखकर दोनों घबरा गए और जल्दबाजी में बड़ा कदम उठा लिया.
फिल्मी अंदाज में लगाई छलांग
पुलिस से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने मंदिर की छत से कूदने का फैसला किया. यह कदम उनके लिए भारी पड़ गया. ऊंचाई से कूदने के कारण दोनों को गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर ही घायल हो गए. यह पूरा घटनाक्रम फिल्मी अंदाज में हुआ, लेकिन अंजाम बेहद खतरनाक रहा.
घायल हालत में अस्पताल पहुंचाए गए
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों घायलों को राजगढ़ के चिकित्सालय पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते दोनों को अलवर रेफर कर दिया गया. फिलहाल दोनों का इलाज अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है.
कौन हैं आरोपी
घायल आरोपियों की पहचान नगला बंजीर का बास, बगड़ तिराहा निवासी जाहुल पुत्र हनीफ मेव और वीरपुर बीघोता निवासी हरि सिंह मीणा के रूप में हुई है. दोनों साइबर अपराध से जुड़े मामलों में संदिग्ध बताए जा रहे हैं और पुलिस इनकी तलाश में थी.
पुलिस जांच जारी
थाना प्रभारी गुरुदत्त सैनी ने बताया कि पुलिस टीम आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई कर रही थी, तभी यह हादसा हुआ. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और साइबर अपराध से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का इलाज पूरा होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा है और किन-किन मामलों में इनकी संलिप्तता रही है.
(रिपोर्ट- हिमांशु शर्मा)
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