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Noida Cyber Crime: सावधान... नोएडा एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, फर्जी कॉल सेंटर पर छापा, 5 गिरफ्तार

नोएडा साइबर पुलिस ने एयरपोर्ट और विमानन कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पांच आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जिनके पास से फर्जी वेबसाइट, दस्तावेज, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं.

नोएडा एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
भूपेन्द्र चौधरी
  • नोएडा,
  • 12 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:54 PM IST

नोएडा की साइबर क्राइम पुलिस ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत प्रतिष्ठित विमानन कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने सेक्टर-22 स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह कॉल सेंटर लंबोदर इंस्टीट्यूट के नाम से संचालित किया जा रहा था.

प्रतिबिंब पोर्टल की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई प्रतिबिंब पोर्टल से मिली सटीक सूचना, तकनीकी विश्लेषण, निगरानी (सर्विलांस) और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर की गई. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बेरोजगार युवाओं को विमानन कंपनियों और प्रशिक्षण संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग चरणों में उनसे पैसे वसूलते थे.

ऐसे देते थे नौकरी का झांसा
जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को निंबस, स्टार एयरवेज, एयरोफ्लाई एविएशन अकादमी, फ्यूचर अकादमी ट्रेनिंग एंड एविएशन और कोर एविएशन जैसी संस्थाओं का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे. इसके बाद ऑनलाइन इंटरव्यू, चयन, नियुक्ति पत्र (ऑफर लेटर), प्रवेश पुष्टि (एडमिशन कन्फर्मेशन), प्रशिक्षण, मेडिकल, यूनिफॉर्म, सुरक्षा जमा राशि, पंजीकरण और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की रकम जमा कराई जाती थी.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर बनाई फर्जी वेबसाइट
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संबंधित एक फर्जी वेबसाइट भी तैयार कर रखी थी. इस वेबसाइट के जरिए नौकरी और अन्य सेवाओं के नाम पर आवेदन मंगाकर लोगों को ठगा जाता था. इसके अलावा कई विमानन संस्थानों के नाम और लोगो का अवैध इस्तेमाल कर फर्जी नियुक्ति पत्र और प्रमाण-पत्र तैयार किए जाते थे, ताकि अभ्यर्थियों को आसानी से झांसे में लिया जा सके.

फर्जी खातों में मंगाते थे ठगी की रकम
ठगी से प्राप्त रकम अलग-अलग म्यूल (फर्जी उपयोग किए जाने वाले) बैंक खातों में मंगाई जाती थी और बाद में आरोपियों के बीच बांट दी जाती थी. इस मामले में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी कई शिकायतें दर्ज मिली हैं. थाना साइबर क्राइम, नोएडा में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.

आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, एक सीपीयू, 10 सक्रिय सिम कार्ड, 5 हेडफोन, 2 चेकबुक, 4 डेबिट कार्ड, एक क्रेडिट कार्ड, दो कंपनी की मोहर, 13 फर्जी विमानन प्रमाण-पत्र, बड़ी संख्या में फर्जी नियुक्ति पत्र और प्रवेश पुष्टि पत्र, 76 पृष्ठों का कॉलिंग डाटा, कॉलिंग स्क्रिप्ट, अभ्यर्थियों का विवरण, डायरी तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य बरामद किए हैं.

देशभर में फैले नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों, वेबसाइटों और डिजिटल नेटवर्क की जांच जारी है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देशभर में अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.

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