दलमा के जंगलों में आया 'जूनियर मेसी'! 6 महीने का हाथी 'बादल' पानी और मैदान में खेल रहा फुटबॉल, वीडियो वायरल

जमशेदपुर के दलमा वन्यजीव अभयारण्य में इन दिनों 6 महीने का एक नन्हा हाथी 'बादल' पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बना हुआ है। वजह यह है कि बादल इंसानों की तरह मैदान और पानी में फुटबॉल खेलता है, जिसे देख कर लोग बहुत खुश होते हैं.

Baby elephant playing football
gnttv.com
  • दलमा,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:43 PM IST

जमशेदपुर से सटे दलमा के जंगलों में छह महीने पहले घायल अवस्था में मिला हाथी का एक नन्हा बच्चा आज सभी के आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस हाथी के बच्चे का नाम 'बादल' रखा गया है, जिसकी उम्र अब करीब छह महीने हो चुकी है। जिस वक्त उसे जंगल से लाया गया था, उस समय उसकी हालत काफी खराब थी और उसके बचने की उम्मीद बेहद कम मानी जा रही थी। लेकिन सही देखभाल और लगातार निगरानी ने आज उसे पूरी तरह बदल दिया है।


फुटबॉल खेलकर सबका दिल जीत रहा बादल
इन दिनों बादल अपने एक खास शौक की वजह से चर्चा में है। दरअसल, यह नन्हा हाथी फुटबॉल खेलता नजर आता है, जिसे देखने के लिए लोग उत्सुक रहते हैं। कभी वह पानी में फुटबॉल को पैर मारते हुए खेलता है, तो कभी सूखी जमीन पर गेंद को दूर तक धकेलते हुए उसके पीछे दौड़ता दिखाई देता है। उसका यह अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है। बादल की मासूम हरकतें और खेल के दौरान उसका उत्साह देखने वालों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। खास बात यह है कि वह खेल के दौरान काफी सक्रिय और खुश नजर आता है।

ट्रेनर रवि ने बच्चे की तरह की देखभाल
बादल की देखभाल की जिम्मेदारी उसके ट्रेनर रवि ने संभाली। रवि का कहना है कि उन्होंने बादल को अपने बच्चों से भी ज्यादा प्यार और देखभाल दी। घायल हालत से बाहर निकालने के लिए उसकी हर छोटी-बड़ी जरूरत का खास ध्यान रखा गया। धीरे-धीरे बादल की तबीयत सुधरने लगी और अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर दलमा में लोगों के बीच खास पहचान बना चुका है।


जल्दी सीख रहा है नई चीजें
ट्रेनर रवि का कहना है कि बादल काफी समझदार है और नई चीजें बहुत जल्दी सीख लेता है। यही वजह है कि उसे नियमित रूप से फुटबॉल खेलने की ट्रेनिंग दी जा रही है। रवि का मानना है कि आने वाले समय में बादल एक अच्छा खिलाड़ी बन सकता है।

भीषण गर्मी में भी जारी है अभ्यास
भीषण गर्मी के बावजूद बादल का अभ्यास लगातार जारी है। उसे रोजाना सुबह दो घंटे और शाम दो घंटे फुटबॉल की ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनर का कहना है कि खेल के दौरान बादल काफी उत्साह दिखाता है और हर दिन कुछ नया सीखने की कोशिश करता है।

एक समय ऐसा था जब बादल की जिंदगी बचाना चुनौती बन गया था, लेकिन आज वही नन्हा हाथी अपनी चंचल हरकतों और फुटबॉल खेलने के अंदाज से दलमा आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

(रिपोर्ट- सत्यजीत कुमार)

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