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दरभंगा स्नातक चुनाव में आदित्य झा की अपील- जाति और पार्टी नहीं, प्रत्याशी का व्यक्तित्व देखकर दें वोट, शिक्षकों के लिए गिनाए 5 मुद्दे

समस्तीपुर निवासी सीए आदित्य झा ने जनसंपर्क अभियान के साथ युवा संवाद कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे. जिसमें उन्होंने स्थानीय प्रत्याशी को इस बार मौका देने की बात उठाई. इस कार्यक्रम में काफी संख्या में नगर निगम क्षेत्र के वार्ड पार्षद और युवा शामिल हुए थे.

आदित्य झा
जहांगीर आलम
  • समस्तीपुर,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:12 PM IST
  • पहली बार समस्तीपुर जिले से कई प्रत्याशी हैं चुनावी मैदान में 
  • दरभंगा स्नातक से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी आदित्य झा

बिहार विधान परिषद के दरभंगा स्नातक क्षेत्र के चुनाव को लेकर समस्तीपुर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. प्रत्याशी जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं. वहीं, कुछ उम्मीदवार युवा संवाद कार्यक्रमों के जरिए अपनी योजनाएं बता रहे हैं. इसी क्रम में समस्तीपुर निवासी और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आदित्य झा ने जनसंपर्क अभियान चलाया और युवा संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से स्थानीय प्रत्याशी को मौका देने की अपील की.

युवा संवाद में शामिल हुए पार्षद और युवा
आदित्य झा के युवा संवाद कार्यक्रम में नगर निगम क्षेत्र के कई वार्ड पार्षद और युवा शामिल हुए. कार्यक्रम में उन्होंने स्नातक चुनाव के महत्व पर बात की. उनका कहना था कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कई बार मतदाता जाति, धर्म और पार्टी के आधार पर वोट करते हैं, लेकिन स्नातक क्षेत्र का चुनाव शिक्षा और समाज के भविष्य से जुड़ा है. इसलिए इस चुनाव में मतदाताओं को इन बातों से ऊपर उठकर उम्मीदवार की योग्यता और काम करने की इच्छा को देखना चाहिए.

शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन लागू कराने का प्रयास
आदित्य झा ने अपने प्रमुख मुद्दों के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षकों की पुरानी पेंशन नीति को लागू कराने के लिए सरकार के स्तर पर प्रयास करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को लंबे समय से पेंशन से जुड़े मुद्दों पर राहत की जरूरत है. इस दिशा में वे आवाज उठाना चाहते हैं.

सातवें वेतन आयोग और तबादले की व्यवस्था पर जोर
आदित्य झा ने कहा कि शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग से जुड़े प्रावधान लागू कराने के लिए भी सरकार के सामने मांग रखेंगे. इसके अलावा, शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने की जरूरत है. उनका कहना है कि एक प्रखंड से दूसरे प्रखंड में ट्रांसफर के लिए स्पष्ट नियम होने चाहिए, ताकि शिक्षकों की सुविधा और जरूरत को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जा सके.

गैर-शैक्षणिक कामों से शिक्षकों को मिले राहत
आदित्य झा ने शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा दूसरे कामों में लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत मिलनी चाहिए, ताकि वे विद्यार्थियों को पढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे सकें. उनके मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों को जरूरी सुविधाएं और काम करने का उचित माहौल मिलना जरूरी है.

बोले- पार्टी और जाति नहीं, व्यक्तित्व देखकर चुनें प्रतिनिधि
आदित्य झा ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे उम्मीदवार को केवल पार्टी या जाति के आधार पर न चुनें. उन्होंने कहा, 'मतदाता मुझे वोट न दें, तो क्यों न दें? ऐसी कौन-सी कमी मुझमें है कि मुझे वोट न दें?' उन्होंने मतदाताओं से उम्मीदवार की योग्यता, सोच और स्नातक पास युवाओं के लिए काम करने की इच्छा को परखने की अपील की. उन्होंने कहा कि स्नातक चुनाव में ऐसे प्रतिनिधि को चुना जाना चाहिए, जो शिक्षित युवाओं के लिए काम करने का इरादा रखता हो और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचा सके. उनके अनुसार, इस चुनाव में मतदाताओं को लोकसभा और विधानसभा चुनावों से अलग सोच के साथ मतदान करना चाहिए.

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