उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पटेल नगर निवासी धर्मेंद्र बिष्ट पिछले छह दिनों से मॉरीशस में लापता हैं. धर्मेंद्र वहां एक थाई रेस्टोरेंट में मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे. 27 सितंबर की शाम से परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पाया है. युवक के अचानक गायब होने के बाद परिजन परेशान हैं और उन्होंने केंद्र व उत्तराखंड सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर मॉरीशस प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए तलाश तेज कराने की अपील की है.
परिवार के मुताबिक, धर्मेंद्र 27 सितंबर की सुबह क्रिकेट खेलने के लिए गए थे. इसी दौरान चार युवक उनके संपर्क में आए और कथित तौर पर उन्हें अपने साथ लेकर चले गए. इसके बाद धर्मेंद्र का कोई पता नहीं चला. परिवार को 28 सितंबर को उनके लापता होने की जानकारी मिली. परिजनों ने उन चार युवकों की भूमिका पर संदेह जताया है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही साफ हो सकेगी.
चार युवकों पर परिवार ने जताया शक
परिजनों ने धर्मेंद्र के साथ जाने वाले बताए जा रहे चार युवकों के नाम आयुष बिष्ट, गौरव मेहता, भूपेंद्र राणा और राहुल राणा बताए हैं. परिवार का दावा है कि धर्मेंद्र का मोबाइल फोन और कपड़े आयुष बिष्ट के पास मिले थे. परिजनों के अनुसार, उन्हें यह भी बताया गया कि धर्मेंद्र छुट्टी लेकर कहीं गए थे. हालांकि परिवार का कहना है कि धर्मेंद्र ने उन्हें छुट्टी पर जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी और न ही उन्हें ऐसी किसी योजना की जानकारी थी.
कंपनी प्रबंधन पर सहयोग नहीं करने का आरोप
धर्मेंद्र मॉरीशस की सीतार प्योर वेज कंपनी लिमिटेड के थाई फूड गैंग रेस्टोरेंट में काम करते बताए जा रहे हैं. परिवार का आरोप है कि धर्मेंद्र के लापता होने के बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही है. परिजनों का यह भी कहना है कि उन्हें मॉरीशस पुलिस की कार्रवाई के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है. परिवार को यह तक पता नहीं है कि मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है या नहीं. उनका आरोप है कि रेस्टोरेंट प्रबंधन चारों युवकों के पक्ष में खड़ा दिखाई दे रहा है.
केंद्रीय मंत्री से भी लगाई मदद की गुहार
धर्मेंद्र की बहन हेमा रौतेला ने उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार से मदद की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. हेमा की शिकायत के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दूतावास के माध्यम से मॉरीशस सरकार से संपर्क कर जांच कराने का अनुरोध किए जाने की बात सामने आई है.
विदेश मंत्रालय के स्तर पर हस्तक्षेप की मांग
परिवार की मांग है कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के स्तर से मॉरीशस प्रशासन और वहां की पुलिस से संपर्क किया जाए, ताकि धर्मेंद्र की तलाश में तेजी लाई जा सके. परिजनों ने एक कथित वायरल वीडियो की भी जांच कराने की मांग की है. हेमा रौतेला का कहना है कि भाई को लापता हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन परिवार को अभी तक कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं मिल पाई है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और धर्मेंद्र का जल्द पता लगाने की मांग की है. परिवार की ओर से स्थानीय पुलिस को भी शिकायत दिए जाने की जानकारी है. फिलहाल धर्मेंद्र बिष्ट के लापता होने की परिस्थितियों और उनके साथ गए बताए जा रहे युवकों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच और पुष्टि का इंतजार है.
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