दिल्ली का नाम आते ही सबसे पहले ट्रैफिक और प्रदूषण की बात होती है, लेकिन मंगलवार, 4 अगस्त को राजधानी ने एक अलग ही तस्वीर पेश की. सुबह होते-होते दिल्ली की हवा इतनी साफ हो गई कि एयर क्वालिटी 'गुड' कैटेगरी में पहुंच गई. कुछ घंटों बाद AQI में हल्की बढ़ोतरी जरूर दर्ज हुई, लेकिन इसके बावजूद हवा सामान्य दिनों की तुलना में काफी बेहतर रही. इस बदलाव ने एक बार फिर साफ कर दिया कि मौसम चाहे तो कुछ ही घंटों में दिल्ली की हवा का मिजाज बदल सकता है.
सुबह 29 रहा AQI, दोपहर तक बढ़ा लेकिन हवा रही बेहतर
AQI.in के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे नई दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) महज 29 रिकॉर्ड किया गया, जो 'गुड' श्रेणी में आता है. राजधानी में ऐसा स्तर बहुत कम देखने को मिलता है. हालांकि दिन चढ़ने के साथ AQI में हल्का इजाफा हुआ. सुबह 11:31 बजे यह 54, दोपहर 12 बजे 55 और 12:31 बजे 57 दर्ज किया गया. इसके बावजूद दिल्ली की हवा आम दिनों के मुकाबले काफी साफ बनी रही.
बारिश और तेज हवाओं ने किया कमाल
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह मॉनसून का असर है. लगातार हो रही बारिश हवा में मौजूद धूल और दूसरे प्रदूषक कणों को जमीन पर बैठा देती है. वहीं तेज हवाएं इन कणों को एक जगह जमा होने नहीं देतीं, जिससे हवा साफ महसूस होती है. यही कारण है कि बरसात के दौरान दिल्ली की एयर क्वालिटी में तेजी से सुधार देखने को मिलता है.
कुछ घंटों में बदल सकता है AQI
दिल्ली की हवा पूरे दिन एक जैसी नहीं रहती. मौसम और प्रदूषण के स्रोतों के हिसाब से AQI लगातार बदलता रहता है. यही वजह है कि सुबह 29 तक पहुंचा AQI कुछ घंटों बाद 50 के पार चला गया. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि अचानक प्रदूषण बढ़ गया, बल्कि यह मौसम और वायुमंडलीय परिस्थितियों में आए बदलाव का असर है.
हर मॉनसून में मिलती है थोड़ी राहत
बरसात के मौसम में दिल्ली की हवा का साफ होना कोई नई बात नहीं है. नियमित बारिश और बेहतर वायुमंडलीय मिश्रण की वजह से प्रदूषक जमीन के पास ज्यादा देर तक नहीं टिक पाते. इसी कारण हर साल मॉनसून के दौरान राजधानी को कुछ समय के लिए प्रदूषण से राहत मिलती है.
मौसम बदला है, प्रदूषण नहीं
फिलहाल दिल्ली की हवा राहत जरूर दे रही है, लेकिन इसे प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता. वाहन, निर्माण कार्य, सड़क की धूल और उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषक अब भी वातावरण में पहुंच रहे हैं. फिलहाल मौसम इनका असर कम कर रहा है, लेकिन जैसे-जैसे मॉनसून कमजोर होगा, राजधानी की हवा फिर पहले जैसी चुनौती पेश कर सकती है.
ये भी पढ़ें