दिल्ली हवाईअड्डा परिचालक डायल (DIAL)ने जानकारी दी कि उसने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 पर सेल्फ-बैगेज ड्रॉप (SBD)सुविधा शुरू की है. यह सुविधा यात्रियों को हवाई अड्डे के कर्मचारियों की सहायता के बिना अपने स्वयं के सामान की जांच करने की अनुमति देती है. यह सुविधा सामान उतारने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए शुरू की गई थी, जिससे यात्रियों के लिए वेटिंग टाइम 15-20 मिनट कम हो गया.
इस प्रक्रिया में दो स्टेप शामिल हैं:
यात्री सेल्फ चेक-इन कियोस्क पर अपने बोर्डिंग पास और बैगेज टैग जेनरेट कर सकते हैं जिसके बाद वे एसबीडी सुविधा के लिए आगे बढ़ सकते हैं. इसके बाद उन्हें बोर्डिंग पास को स्कैन करना होगा और अपने सामान को निर्दिष्ट बेल्ट पर लोड करना होगा.
इससे आपका सामान स्वचालित रूप से हवाई अड्डे के उस एरिया में चला जाएगा जहां एसका चुनाव होगा कि कौन सा बैगेज कहा जाना है और फिर समान विमान में स्थानांतरित कर दिया जाएगा.
क्या-क्या होगी सुविधा?
टर्मिनल पर कुल 14 सेल्फ-बैगेज ड्रॉप मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें से 12 पूरी तरह से स्वचालित हैं और दो हाइब्रिड हैं. प्रत्येक मशीन के लिए प्रारंभिक कैलिब्रेटेड वजन 120 किलोग्राम निर्धारित किया गया है. यह सुविधा टर्मिनल के चेक-इन रो-पी पर स्थित है और घरेलू यात्रियों के लिए उपलब्ध है. जिन यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा करना है, वे अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.
अभी किस एयरलाइन में है ये सुविधा
फिलहाल इंडिगो से यात्रा करने वाले इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. विस्तारा, एयर इंडिया, ब्रिटिश एयरवेज, एयर फ्रांस और केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस सहित पांच अन्य एयरलाइंस को आने वाले समय में इस सुविधा के उपयोग की अनुमति देने की उम्मीद है.डायल के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा, "DIAL विभिन्न डिजिटलीकरण और स्वचालन पहलों के माध्यम से दिल्ली हवाई अड्डे पर यात्री अनुभव को अधिकतम करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है. सेल्फ-बैगेज ड्रॉप सुविधा का उद्देश्य यात्रियों को आत्मनिर्भर बनाना है और साथ ही बैगेज प्रोसेसिंग में लगने वाले समय को काफी कम करना है."
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