राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन से पहले दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला किया गया है. वहीं, इंडियन रेलवे ने नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और तिलक ब्रिज से जुड़ी करीब 75 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है. इसके अलावा, नई दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी. सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन भी बंद रहेंगे. प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है. राजधानी में करीब 23 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी है. ऐसे में शनिवार को घर से निकलने, मेट्रो या ट्रेन से सफर करने और बाजार जाने से पहले जरूरी अपडेट जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है.
दिल्ली में धारा 163 लागू, चप्पे-चप्पे पर निगरानी
प्रदर्शन से पहले सेंट्रल दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है. इसके तहत कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन आवश्यक प्रतिबंध लगा सकता है. नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है. दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर समेत प्रमुख सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान तैनात किए गए हैं. सुरक्षा एजेंसियां बैरिकेडिंग, CCTV और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से लैस कैमरों के जरिए भी निगरानी रखेंगी.
23 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
सूत्रों के मुताबिक, 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली में लगभग 23 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किए जाने की उम्मीद है. गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की अतिरिक्त कंपनियां उपलब्ध कराई हैं. विपक्षी दलों ने कथित ‘वोट चोरी’ और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया है. प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है. CJP नेता अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर तक मार्च करने की बात कही है.
दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन बंद, कई लाइनें प्रभावित
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की व्यवस्था की गई है. इनमें येलो लाइन के 20, रेड लाइन के 9, ब्लू और पिंक लाइन के 8-8, वायलेट लाइन के 7 तथा मैजेंटा लाइन के 4 स्टेशन शामिल बताए गए हैं. एयरपोर्ट लाइन के शिवाजी स्टेडियम स्टेशन पर भी प्रतिबंध रहेगा. प्रभावित स्टेशनों में राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, जनपथ, लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, सुप्रीम कोर्ट, इंद्रप्रस्थ, शिवाजी स्टेडियम, दिल्ली हाट-आईएनए, हौज खास, जोर बाग, लाजपत नगर, जंगपुरा, आश्रम, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, चांदनी चौक के पास चावड़ी बाजार, जामा मस्जिद, करोल बाग, कश्मीरी गेट, इंद्रलोक, आजादपुर, जहांगीरपुरी, मजलिस पार्क, शाहदरा और रिठाला समेत कई स्टेशन शामिल हैं. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की आधिकारिक सूचना में प्रभावित स्टेशनों की पूरी सूची देख लें. सूची में शामिल नहीं किए गए स्टेशनों पर सामान्य परिचालन जारी रहने की जानकारी दी गई है. हालांकि, प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज और आवाजाही के विकल्प सीमित हो सकते हैं.
नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर 10 घंटे ट्रेन सेवा प्रभावित
रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित रहने की सूचना दी है. इसके साथ ही नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और तिलक ब्रिज से संबंधित करीब 75 ट्रेनों को रद्द किया गया है. इसका असर 9, 10 और 11 अक्टूबर को चलने वाली कुछ ट्रेनों पर भी पड़ सकता है. प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर, कालका, जम्मू तवी, श्री माता वैष्णो देवी कटरा, लखनऊ, प्रयागराज, बनारस, जबलपुर, इंदौर, मुंबई, हावड़ा, सियालदह, रांची, उदयपुर सिटी और श्री गंगानगर से आने-जाने वाली ट्रेनें शामिल हैं. रेलवे यात्रियों को सलाह है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस, रद्द होने की स्थिति और वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी जरूर जांच लें.
30 जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन, इन रास्तों पर बढ़ सकती है परेशानी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर को राजधानी में करीब 30 स्थानों और उनके आसपास यातायात प्रभावित रहने की आशंका है. जरूरत के मुताबिक सुबह 6 बजे से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं. प्रभावित होने वाले प्रमुख इलाकों में मंडी हाउस, कनॉट प्लेस, आईटीओ, मिंटो रोड, झंडेवालान, पंचकुइयां, धौला कुआं, जनपथ, संसद मार्ग, पटेल चौक, गोल डाकखाना, रेल भवन और जंतर-मंतर के आसपास के रास्ते शामिल हैं. सेंट्रल दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. बस, कैब और ऑटो से सफर करने वालों को भी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है.
जनपथ-कर्तव्य पथ के आसपास 24 घंटे इंटरनेट बंद
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास करीब 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रखने का आदेश जारी किया गया है. निर्धारित आदेश के मुताबिक, इंटरनेट बंदी 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक लागू रहेगी.इस दौरान मोबाइल इंटरनेट की विभिन्न तकनीकों पर रोक रहेगी. संबंधित दूरसंचार कंपनियों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे में प्रभावित इलाके में रहने या वहां से गुजरने वाले लोगों को ऑनलाइन भुगतान, मैप और इंटरनेट आधारित सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखनी चाहिए.
नमो भारत के दो स्टेशन भी बंद, बाकी रूट पर चलेंगी ट्रेनें
प्रदर्शन को देखते हुए सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद रहेंगे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार आनंद विहार और मोदीपुरम के बीच नमो भारत ट्रेन सेवाएं निर्धारित समय के मुताबिक जारी रहेंगी.यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले संबंधित सेवा की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें बीच रास्ते में परेशानी का सामना न करना पड़े.
आज घर से निकलने से पहले क्या करें?
दिल्ली में प्रदर्शन के कारण मेट्रो, रेल, सड़क और इंटरनेट सेवाओं पर अलग-अलग तरह के प्रतिबंध लागू होने की संभावना है. ऐसे में यात्रियों को अपनी ट्रेन और मेट्रो स्टेशन की स्थिति पहले जांचनी चाहिए. जरूरी काम के लिए निकलने वाले लोग अतिरिक्त समय लेकर चलें और ट्रैफिक पुलिस की सलाह के अनुसार वैकल्पिक रास्ते चुनें. नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली जाने से पहले संबंधित विभागों की ताजा एडवाइजरी देखना बेहतर रहेगा. खासकर रेलवे स्टेशन, जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और संसद मार्ग के आसपास जाने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए.
सुरक्षा के नाम पर सब कुछ बंद नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुरक्षा इंतजामों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास बंद करने और लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द किए जाने पर गंभीर चिंता जताई. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं, लेकिन उनकी सीमा खतरे के अनुपात में होनी चाहिए. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि किसी मकसद को हासिल करने के लिए जरूरत से ज्यादा कठोर कदम नहीं उठाए जाने चाहिए. उन्होंने टिप्पणी की कि मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. अदालत ने स्पष्ट किया कि मेट्रो और रेल सेवाओं की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती.