दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें वे सरकारी अधिकारियों को काम में देरी और लापरवाही को लेकर फटकार लगाती नजर आ रही हैं. मुख्यमंत्री अधिकारियों से पूछती हैं कि पिछले दो साल से दिए जा रहे 800 करोड़ रुपए के फंड का इस्तेमाल कहां हो रहा है. हालांकि, वीडियो में यह साफ नहीं है कि मुख्यमंत्री किस काम में देरी को लेकर नाराज थीं. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस वीडियो को दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे और रेस्क्यू ऑपरेशन से जोड़कर देखा, लेकिन दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध स्पष्ट नहीं है.
अधिकारियों से बोलीं- हर चीज की एक हद होती है
वायरल वीडियो में रेखा गुप्ता अधिकारियों से काफी नाराज नजर आ रही हैं. वे कहती सुनाई दे रही हैं, 'हर चीज की एक हद होती है. मैं आपको पिछले दो साल से 800 करोड़ रुपए का फंड दे रही हूं. ये सारे पैसे कहां जा रहे हैं? क्या ये पैसा आपकी जेब में जा रहा है?' वीडियो में मुख्यमंत्री किस विभाग या काम को लेकर अधिकारियों से सवाल कर रही हैं, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. बातचीत से इतना जरूर समझ आता है कि किसी इलाके में स्लैब ठीक करने के काम में देरी को लेकर वे नाराज थीं.
एक हफ्ते का समय मांगने पर भी नाराज हुईं
वीडियो में एक अधिकारी मुख्यमंत्री से काम पूरा करने के लिए करीब एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगता है. इस पर रेखा गुप्ता और नाराज हो जाती हैं. उनका कहना था कि इस तरह के काम के लिए अब और समय नहीं दिया जा सकता. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से काम को जल्द पूरा करने को कहा. वायरल वीडियो के मुताबिक, उन्होंने काम पूरा होने के बाद उसकी तस्वीर भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
सत्य निकेतन हादसे के बीच वायरल हुआ वीडियो
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक करीब 50 साल पुरानी इमारत गिरने के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था. यह इमारत लड़कों के PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी.
सोशल मीडिया पर लोगों ने किया रिएक्ट
वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने मुख्यमंत्री के सख्त रवैये की तारीफ की. कुछ लोगों ने लिखा कि अधिकारियों से मौके पर ही जवाब मांगना और काम में देरी पर सवाल उठाना जरूरी है. एक यूजर ने लिखा कि मुख्यमंत्री अधिकारियों को फटकार लगा रही हैं और अब देखना होगा कि इसका सरकारी कामकाज पर कितना असर पड़ता है. वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाने के लिए इस तरह की सख्ती जरूरी है. कुछ लोगों ने इसे प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अच्छा कदम बताया.
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