दिल्ली के उन परिवारों के लिए बड़ी खबर है जो बिजली के बढ़ते खर्च से राहत पाने के लिए घर की छत पर सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं. दिल्ली सरकार ने संशोधित सोलर पॉलिसी के तहत ऐसा प्रावधान किया है, जिसमें पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को बिना किसी शुरुआती खर्च के 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने की सुविधा मिलेगी. खास बात यह है कि इसके लिए आने वाला खर्च केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर उठाएंगी. यानी उपभोक्ता को इंस्टॉलेशन के समय अपनी जेब से पैसा नहीं देना होगा.
इस योजना का लाभ उन घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनके घर की औसत मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है. हालांकि, सोलर पैनल लगाने के लिए घर की छत का तकनीकी रूप से उपयुक्त होना जरूरी है. सरकार की इस पहल का मकसद सोलर पैनल लगवाने में आने वाले शुरुआती खर्च का बोझ कम करना है. रिपोर्ट के मुताबिक, घर पर सोलर सिस्टम लगवाने में करीब 2 लाख रुपये तक का शुरुआती खर्च आता है.
सोलर लगवाने में करीब 1.56 लाख का खर्च, सरकार देगी सब्सिडी
3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम की अनुमानित लागत करीब 1.56 लाख रुपये हो जाती है. इस रकम को केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर वहन करेंगी. इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78,000 रुपये और दिल्ली सरकार की तरफ से 78,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. अगर सब्सिडी और टेंडर के जरिए तय हुई कुल लागत के बीच कोई अंतर रहता है तो उस रकम को भी दिल्ली सरकार खुद वहन करेगी.
5 साल तक मेंटेनेंस की भी चिंता नहीं
सिर्फ सोलर पैनल लगवाने तक ही राहत नहीं मिलेगी. सिस्टम लगने के बाद अगले 5 साल तक उसके संचालन और देखभाल यानी O&M का काम संबंधित वेंडर मुफ्त में करेगा. पांच साल पूरे होने के बाद उपभोक्ताओं के पास बिजली वितरण कंपनियों यानी DISCOMs के जरिए मेंटेनेंस और इंश्योरेंस की सुविधा लेने का विकल्प रहेगा.
बिजली सब्सिडी पहले की तरह मिलती रहेगी
खास बात यह है कि रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के बाद दिल्ली सरकार की मौजूदा बिजली सब्सिडी खत्म नहीं होगी. पात्र उपभोक्ताओं को पहले की तरह 200 यूनिट तक 100 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 201 से 400 यूनिट तक 50 प्रतिशत की छूट लेते रहेंगे.
हर महीने करीब 300 यूनिट बिजली पैदा करेगा सिस्टम
3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम औसतन हर महीने करीब 300 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है. घर में इस्तेमाल के बाद अगर बिजली बच जाती है तो उसे ग्रिड में भेजा जा सकेगा.इसके बदले उपभोक्ता को डिस्कॉम की ओर से ‘औसत पावर परचेज कॉस्ट’ (Average Power Purchase Cost) के हिसाब से भुगतान मिलेगा. यानी अतिरिक्त बिजली सिर्फ बचाने तक सीमित नहीं रहेगी, उससे कमाई का रास्ता भी बन सकता है.
मार्च 2027 तक 2.3 लाख छतों पर सोलर लगाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने इस योजना के जरिए बड़े स्तर पर रूफटॉप सोलर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में अभी 10,073 सोलर सिस्टम लगे हुए हैं और इनमें से ज्यादातर सरकारी इमारतों पर हैं. सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2027 तक 2.3 लाख छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएं. इसके जरिए 500 मेगावाट अतिरिक्त सोलर क्षमता जोड़ने की योजना है. इस पूरी योजना को यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन यानी ULA मॉडल के तहत लागू किया जाएगा. इसके लिए इंद्रप्रस्थ पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड यानी IPGCL प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए वेंडर्स का चयन करेगी. इंस्टॉलेशन से लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान तक की पूरी प्रक्रिया का संचालन भी IPGCL करेगी.
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