राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी.
बुधवार को दिल्ली सरकार की बैठक केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के साथ हुई. इसमें राजधानी के साथ-साथ फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी 100% डस्ट मिटिगेशन लागू करने के निर्देश दिए गए. सरकार ने कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए इस बार अभियान ऑपरेशन मोड में चलाया जाएगा.
6 महीने में धूल उड़ने वाली जगहों का स्थायी समाधान
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया बैठक में तय हुआ कि 72 घंटों के भीतर दिल्ली भर में पॉटहोल्स का काम पूरा किया जाएगा. 6 महीनों में उन सभी स्थानों का निवारण होगा जहां से धूल उड़ती है. सभी स्थानीय निकायों को ग्रीन प्लांटेशन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. BS-4 से नीचे के वाहनों पर सख्ती होगी और दिल्ली में लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर की जाएगी.
जहां मिला मालवा... तो तुरंत कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे. चाहे सरकारी एजेंसी हो या निजी कंपनी. निर्माण मलबा मिलने पर एक समान कार्रवाई की जाएगी. 1400 किमी सड़कों पर पॉटहोल मरम्मत का काम तेज गति से पूरा किया जाएगा. सभी C&D साइट्स पर डस्ट कंट्रोल उपाय लागू करने होंगे. MCD के 8000 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को धूल-मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है.
सड़कों की धुलाई, मिस्ट स्प्रे और वैक्यूम लिटर मशीनों की खरीद
सरकार ने सड़कों पर धूल कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. PWD की सभी सड़कों की मशीन से धुलाई की जाएगी. शहर में मिस्ट स्प्रे इंस्टॉलेशन बढ़ाए जाएंगे. अगले 45 दिनों में 1000 वैक्यूम-बेस्ड लिटर मशीनें खरीदी जाएंगी. इसके साथ ही MCD की सड़कों पर 100 MRS लगाए जाएंगे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ITO पहुंचकर मिस्ट स्प्रे सिस्टम की समीक्षा करेंगी.
लीगेसी वेस्ट और इंडस्ट्रियल वायलेशन पर सख्त निर्देश
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि पिछले 9 महीनों में लीगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग की रफ्तार दोगुनी हुई है. PWD के 550 किमी ब्राउन एरिया में 15 दिनों के भीतर सुधार कार्य पूरा होगा. DPCC को निर्देश दिए गए हैं कि कूड़ा, मलबा और बिल्डिंग वायलेशन किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं होगा. 20 दिनों के भीतर OMC लागू न करने वाले उद्योगों पर भी कार्रवाई होगी. सरकारी इमारतों की फेंसिंग न होने पर भी संबंधित विभाग पर एक्शन तय है.
उच्च स्तरीय कमेटी का गठन, CM होंगी चेयरपर्सन
प्रदूषण पर दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने के लिए सरकार एक नई कमेटी बनाने जा रही है. इस कमेटी की अध्यक्षता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी. इसमें देश के प्रमुख वैज्ञानिक और केंद्र सरकार के अधिकारी शामिल होंगे.
वाहनों पर बड़ा फैसला
1. BS-2 और BS-3 वाहनों के मालिक तुरंत PUC करवाएं.
2. BS-4 से नीचे के ट्रक दिल्ली में पाए गए तो उन्हें सीज कर दिया जाएगा.
ऑड-ईवन पर सरकार का बयान
सरकार ने कहा कि ऑड-ईवन स्कीम का वास्तविक असर नहीं देखा गया. ऑड-ईवन केवल ड्रामा था, प्रदूषण कम नहीं हुआ. हम नागरिकों को परेशान नहीं करना चाहते बल्कि असरदार कदम उठा रहे हैं. सरकार ने पूर्व सरकारों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पहले काम होता तो आज दिल्ली को यह स्थिति नहीं झेलनी पड़ती. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने आश्वासन दिया कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता को लेकर जल्द ही एक विशेष समीक्षा बैठक भी की जाएगी.
(सुशांत मेहरा की रिपोर्ट)