दिल्ली सरकार आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए महिला समृद्धि योजना को रक्षा बंधन के अवसर पर शुरू करने की तैयारी में है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना का औपचारिक शुभारंभ 28 अगस्त को किया जा सकता है. योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाएंगे. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना की शुरुआत कर सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी होना बाकी है.
ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल तैयार
दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं. ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल तैयार है और पात्रता के मानदंड भी तय कर दिए गए हैं. वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 5110 करोड़ का प्रावधान किया गया है. अनुमान है कि दिल्ली की 20 से 22 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि सरकार योजना को पूरी तैयारी के साथ लागू करना चाहती है, ताकि सभी पात्र महिलाओं तक इसका लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे और भविष्य में भी योजना सुचारु रूप से चलती रहे.
कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?
महिला समृद्धि योजना का लाभ केवल दिल्ली की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को मिलेगा. इसके लिए निर्धारित प्रमुख पात्रताएं इस प्रकार हैं, आवेदक महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच हो. परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख से 3 लाख तक हो. दिल्ली की स्थायी निवासी होना आवश्यक होगा. राशन कार्ड धारक महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी.
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ?
सरकार ने कुछ श्रेणियों की महिलाओं को योजना से बाहर रखा है. इनमें शामिल हैं सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं. आयकर (इनकम टैक्स) भरने वाली महिलाएं. सरकारी पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं. चार पहिया वाहन (फोर व्हीलर) की मालिक महिलाएं.
ऑनलाइन आवेदन के लिए क्या-क्या दस्तावेज होंगे जरूरी?
योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा. आवेदन के समय महिलाओं को निम्नलिखित जानकारी देनी होगी- आधार नंबर नाम और जन्म तिथि, लिंग, पिता या माता का नाम, वैवाहिक स्थिति, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, दिल्ली में निवास की अवधि, आधार से लिंक बैंक खाता, स्व-घोषणा (Self Declaration) फॉर्म.
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
महिला समृद्धि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. हर महीने मिलने वाली 2500 की राशि से महिलाएं घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक खर्चों में मदद प्राप्त कर सकेंगी. सरकार का मानना है कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी.
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