दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया शराब पॉलिसी से जुड़े मामले में कोर्ट से बरी हो गए है. कोर्ट से बरी होने के बाद पूर्व सीएम केजरीवाल भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए पार्टी के 5 बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया. पूरा का पूरा फर्जी केस था. हमारे ऊपर कीचड़ फेंका गया. उधर, पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले ने सच्चाई को सबके सामने ला दिया है.
मैं कट्टर ईमानदार हूं- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है. मैने केवल अपनी जिंदगी में ईमानदारी कमाई है. इन्होंने झूठा केस लगाया. आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है, मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार है, आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है. उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि सत्ता के लिए इस तरह से देश के साथ खिलवाड़ मत कीजिए, संविधान के साख खिलवाड़ मत कीजिए.
सच की हमेशा जीत होती है- भगवंत मान
केजरीवाल और सिसोदिया के बरी होने पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि सच की हमेशा जीत होती है. उन्होंने कहा कि AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को दिल्ली की माननीय अदालत द्वारा शराब घोटाले मामले में बरी कर दिया गया है. माननीय अदालत के इस फैसले ने सच्चाई को सबके सामने ला दिया है. समय के साथ बाकी सभी मामलों की सच्चाई भी सामने आ जाएगी. इंकलाब जिंदाबाद.
विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल- सौरभ
आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस मामले में जांच से जुड़ी सीबीआई के अधिकारियों को इंडिया गेट पर फांसी पर लटका देना चाहिए. विपक्षी दलों को तोड़ने के लिए विरोधी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर पोस्ट किया कि बीजेपी सरकार के पास सब कुछ है, इतने राज्यों में सरकार है, लेकिन इनको छोटी सी दिल्ली की सरकार से परेशानी थी. इनको किसी भी काम करने वाली सरकार से दिक्कत है, क्योंकि खुद काम नहीं करना. इनकी सीबीआई, एसीबी, पुलिस किसी भी झूठी कंप्लेंट पर केस दर्ज कर लेती है. जांच में कुछ मिलता नहीं है. मगर ईडी एक और मुकदमा दर्ज कर देती है. फिर ईडी सालों तक जांच करती रहती है.
केजरीवाल समेत 23 आरोपी बरी-
दिल्ली के शराब घोटाला मामले में राजउ एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि आरोपों के समर्थन में ठोस और पर्याप्त सबूत नहीं थे. कोर्ट ने माना कि जांच एंजेसी के सबूत कमजोर और अपर्याप्त पाए गए, इसलिए राहत दी गई.
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