आग से बचाया, CPR दिया... मालवीय नगर अग्निकांड में रेस्क्यू ऑपरेशन की कहानी, स्थानीय हीरोज की जुबानी

दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई. आग लगने के बाद सबसे पहले स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और लोगों को रेस्क्यू करने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस और फायर बिग्रेड की टीम पहुंची. फायर फाइटर्स के साथ मिलकर स्थानीय लोगों ने कई लोगों को आग से बचाया. इन हीरोज की जुबानी राहत कार्य की कहानी जानिए.

Malviya Nagar Fire
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:26 PM IST

दिल्ली के मालवीय नगर में अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई. जबकि कई लोग जख्मी हो गए. जब आग लगी तो स्थानीय लोग फौरन मौके पर पहुंच गए. स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस की मदद की. स्थानीय लोगों ने आग की लपटों में से कई लोगों को जिंदा बचाया. चलिए आपको दिल्ली अग्निकांड के हीरोज की जुबानी राहत कार्य की कहानी बताते हैं.

अफजल की जुबानी, राहत कार्य की कहानी-
 दिल्ली अग्निकांड में लोगों की जान बचाने वाले मोहम्मद अफजल  ने बताया कि जब सुबह हम सारे भाई आए यहाँ पर तो उससे पहले यहाँ पर बहुत भयंकर आग लग चुकी थी. हमने सामने गद्दे वाले से गद्दे लिए और यहाँ पर बिछाए. इसके बाद लोगों से उसपर कूदने की रिक्वेस्ट की. उन्होंने बताया कि कुछ लोग कूदने में कामयाब हुए और अपनी जान बचा पाए.

उन्होंने बताया कि हमने पुलिस स्टेशन, फायर ब्रिगेड को कॉल किया और उसके बाद फायर ब्रिगेड ने आग का काबू पा लिया. उसके बाद हम जाके लोगों को निकाल के लाए.

उन्होंने बताया कि अरमान नाम की दुकान से हमने गद्दे उठाए. इसने मना नहीं किया. हमने नुकसान कराया. इससे हमने बेड शीट्स ली और उसपर घायलों को ले गए. हमारे पास उतारने के लिए कोई सामान नहीं था. अरमान की दुकान से ही हमने बेड सीट ली थी. उसने हमें प्रोवाइड किया तो ऊपर से कूदे.

बेहोश लोगों को हमने सीपीआर दिया- वसीम राजा
वसीम राजा भी स्थानीय हैं. जिन्होंने राहत कार्य में पुलिस की मदद की. उन्होंने बताया कि मैं हौजरानी गाँव से हूँ और मैं मैक्स में ही काम करता हूँ. उन्होंने बताया कि हमें इस चीज की ट्रेनिंग दी जाती है कि कैजुअल्टी कंडीशंस में अगर आग लग जाए या कुछ भी हो जाए तो उसमें हमें कैसे सीपीआर देना है. हमने बिल्डिंग के अंदर भी सीपीआर दिया. बाहर लाके एंबुलेंस में भी दिया है और साथ ही अपने मैनेजमेंट को इन्फॉर्म भी किया.

उन्होंने बताया कि परी टीम टाइम से आ गई, जिससे लोगों की जान बच पाई. अंदर लोग जले हुए नहीं थे, धुएं की वजह से बेहोश थे. उनको हमने सीपीआर दिया. उनका पूरा मुँह धुएं से काला था.

एक स्थानीय शख्स ने बताया कि हम लोग आईआईटी फोर्टी फाइव के आसपास हम लोग आए थे. जब यहाँ पर आए तो  आग भड़क चुकी थी. हमने रेस्क्यू करना शुरू किया. जब फायर फाइटिंग टीम आई तो हम उनके साथ अंदर गए. लोगों को रेस्क्यू करके लोगों के लेकर आए. मोस्टली विदेशी लोग हैं.

(जितेंद्र बहादुर की रिपोर्ट)

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