दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के सबसे व्यस्त हाईवे में से एक है. इस मार्ग से हर दिन करीब 55 से 60 हजार वाहन गुजरते हैं. लगातार बढ़ते ट्रैफिक के बीच सड़क हादसों की घटनाएं भी सामने आती रही हैं. कई बार दुर्घटना के बाद पुलिस को मौके पर पहुंचने में समय लग जाता था, जिससे घायलों को तत्काल सहायता नहीं मिल पाती थी. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर पहली बार दो पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं. इनमें अलवर जिले के पिनान रेस्ट एरिया और दौसा जिले के धनावड़ रेस्ट एरिया में पुलिस चौकी शुरू की गई है. दोनों चौकियों पर 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. एक समय में चार पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
हादसों में तुरंत मिलेगी मदद
अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि पिनान रेस्ट एरिया में पुलिस चौकी पूरी तरह से शुरू हो चुकी है और यहां चौबीसों घंटे पुलिस बल मौजूद रहेगा. वहीं दौसा पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने बताया कि धनावड़ रेस्ट एरिया स्थित चौकी का भी संचालन शुरू हो गया है. इससे एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. सड़क दुर्घटना, झगड़े या किसी अन्य विवाद की स्थिति में पुलिस अब तुरंत मौके पर पहुंच सकेगी.
जल्द शुरू होगा ट्रॉमा सेंटर भी
पुलिस चौकी के बाद अब एक्सप्रेसवे पर ट्रॉमा सेंटर शुरू करने की तैयारी भी तेज हो गई है. पिनान क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. इसके शुरू होने के बाद सड़क हादसों में घायल लोगों को मौके के नजदीक ही प्राथमिक और जरूरी इलाज मिल सकेगा, जिससे गंभीर मामलों में जान बचाने की संभावना बढ़ जाएगी.
राजस्थान बना पहला राज्य
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरता है. इन सभी राज्यों में पहली बार राजस्थान के अलवर और दौसा में एक्सप्रेसवे पर पुलिस चौकियां शुरू की गई हैं. ऐसे में यह पहल न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि एक्सप्रेसवे पर बेहतर कानून-व्यवस्था और त्वरित आपात सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में भी बड़ा कदम मानी जा रही है.
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