दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट ले रहा है. कहीं तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं हल्की बूंदाबांदी से उमस से थोड़ी राहत मिल रही है. हालांकि कई इलाकों में अभी भी रुक-रुक कर बारिश का दौर बना हुआ है. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पूरे सप्ताह मौसम कैसा रहेगा और अच्छी बारिश कब देखने को मिलेगी.
सप्ताह की शुरुआत में उमस, बीच-बीच में हल्की बारिश
20 और 21 जुलाई को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है. कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है. हालांकि पूरे दिन लगातार बारिश होने के आसार कम हैं. बादलों और धूप की आंख-मिचौली के बीच उमस लोगों को परेशान कर सकती है.
22 से 23 जुलाई के बीच बढ़ सकती है बारिश
मौसम के मौजूदा संकेत बताते हैं कि 22 और 23 जुलाई के दौरान बारिश की गतिविधियां पहले के मुकाबले बढ़ सकती हैं. इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है. कुछ स्थानों पर थोड़े समय के लिए तेज बारिश भी हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.
24 और 26 जुलाई को भी बना रहेगा बारिश का दौर
सप्ताह के आखिर तक भी मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं. 24 और 25 जुलाई को भी बादल छाए रहने और कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है. जहां तेज बारिश होगी, वहां कुछ समय के लिए जलभराव और धीमे ट्रैफिक जैसी स्थिति भी बन सकती है.
तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं
पूरे सप्ताह अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है. बारिश वाले दिनों में तापमान में हल्की गिरावट जरूर महसूस होगी, लेकिन नमी अधिक रहने के कारण उमस बनी रह सकती है. सुबह और देर शाम का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की उम्मीद है.
बाहर निकलने से पहले मौसम जरूर देखें
अगर इस सप्ताह ऑफिस, कॉलेज या किसी जरूरी काम से बाहर निकलना है तो मौसम का अपडेट देखकर ही घर से निकलें. अपने साथ छाता या रेनकोट रखना बेहतर रहेगा. जिन इलाकों में बारिश की संभावना ज्यादा हो, वहां ट्रैफिक धीमा पड़ सकता है, इसलिए यात्रा के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर निकलना समझदारी होगी.
किसानों और पर्यावरण के लिए राहत
दिल्ली-एनसीआर में होने वाली बारिश सिर्फ लोगों को गर्मी से राहत नहीं देती, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में खेती के लिए भी फायदेमंद साबित होती है. लगातार हो रही बारिश से भूजल स्तर और हरियाली को भी फायदा मिलता है. हालांकि जहां भारी बारिश होती है, वहां जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी भी बढ़ सकती है.
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