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दिल्ली में हवा 'बहुत खराब', ये हैं सबसे प्रदूषित 5 इलाके

CPCB के मुताबिक दिल्ली में कुल AQI 'बहुत खराब' स्थिति में है. 18 स्टेशनों पर एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया है. जहांगीरपुरी में एक्यूआई 459 है. दिल्ली में 5 नवंबर को सुबह औसत एक्यूआई 371 दर्ज किया गया है.

Delhi pollution (Photo/PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:56 AM IST

दिल्ली में प्रदूषण का असर दिखने लगा है. लगातार एक्यूआई में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. कई जगहों पर AQI 400 के पार है. दिल्ली की हवा की हालत खराब हो रही है. आज यानी 5 नवंबर को सुबह 7 बजे दिल्ली में औसत एक्यूआई 371 दर्ज किया गया है. हालांकि हर जगह हवा की स्थिति एक जैसी नहीं है. कई इलाकों में हवा बहुत ही जहरीली है. दिल्ली में 18 AQI स्टेशन गंभीर कैटेगरी में हैं.

कुल AQI 'बहुत खराब' कैटेगरी में-
सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में कुल एक्यूआई 'बहुत खराब' कैटेगरी में है. दिल्ली में 18 स्टेशनों पर एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है. हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हो रहा है. वायु प्रदूषण कम करने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही हैं. लेकिन अभी भी हालत बहुत खराब है.

जहांगीरपुरी सबसे ज्याद प्रदूषित-
दिल्ली में वायु प्रदूषण सबसे ज्यादा जहांगीरपुरी इलाके में है. जहांगीरपुरी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका है, जहां AQI 459 हो गया है. जबकि आईआईटी दिल्ली में 447, अलीपुर में 437, पंजाबी बाग में 446 एक्यूआई है. विवेक विहार में एक्यूआई 434, आरकेपुर में एक्यूआई 416 और सिरी फोर्ट में एक्यूआई 402 है.

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में एक्यूआई अलग-अलग है. इंडिया गेट के आसपास एक्यूआई 399 दर्ज किया गया. जबकि आनंद विहार में एक्यूआई 296 रहा.

5 सबसे प्रदूषित इलाके
इलाका AQI
जहांगीरपुरी 459
IIT दिल्ली 447
पंजाबी बाग 446
अलीपुर 437
विवेक विहार 434

PM2.5 और PM10 खतरनाक-
एक्यूआई के साथ प्रदूषण फैलाने वाले कणों का स्तर भी चिंता बढ़ा रहा है. पीएम2.5 बेहद छोटे कण होते हैं. ये सांस के जरिए बॉडी में पहुंचते हैं. जबकि पीएम10 के कण बड़े होते हैं, इसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है. दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता स्तर चिंता का विषय बन गया है. 

वायु प्रदूषण रोकने को लेकर सख्ती-
सरकार प्रदूषण रोकने के लिए तमाम उपाय कर रही हैं. लेकिन ये भी काफी नहीं दिख रहा है. दिल्ली सरकार ने अलग विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल पैदा करने वाले तोड़फोड़ और खुले में सिविल कंस्ट्रक्शन वर्क पर बैन लगाया है. इसके साथ ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में 5 नवंबर से 20 नवंबर तक 15 दिनों के लिए कुछ निर्माण और तोड़फोड़ वाली गतिविधियों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है.

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