Advertisement

दिल्ली में गर्मी से हाल बेहाल! झुलसाने वाली गर्मी और उमस ने बढ़ाई मुश्किलें, आखिर मानसून में देरी क्यों हो रही है?

आमतौर पर दिल्ली में मानसून 27-28 जून तक पहुंच जाता है. लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है. स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाएं लगातार गर्मी बढ़ा रही हैं.

Delhi weather
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:00 AM IST
  • सिर्फ गर्मी नहीं, उमस ने भी बढ़ाई लोगों की परेशानी
  • आखिर मानसून में देरी क्यों हो रही है?

दिल्ली में मानसून की दस्तक में हो रही देरी का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. रविवार को राजधानी ने पिछले दो वर्षों की सबसे गर्म सुबह दर्ज की. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है. वहीं अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. गर्मी के साथ बढ़ी नमी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी. मौसम विभाग ने राजधानी में हीटवेव जैसी स्थिति रहने का संकेत दिया है. शाम 5:30 बजे कुछ इलाकों में फील लाइक टेम्परेचर करीब 50.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.

दो साल बाद सबसे गर्म सुबह
दिल्ली में इससे पहले 14 जून 2024 को न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. उसके बाद पहली बार सुबह का तापमान 31 डिग्री के पार पहुंचा है. रविवार को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री, पालम में 30 डिग्री, लोधी रोड में 30.2 डिग्री, रिज में 28.7 डिग्री और अयानगर में 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. सभी जगह तापमान सामान्य से ऊपर रहा.

सिर्फ गर्मी नहीं, उमस ने भी बढ़ाई लोगों की परेशानी
रविवार को लोगों को सिर्फ तेज धूप ही नहीं, बल्कि भारी उमस का भी सामना करना पड़ा. शाम 5:30 बजे सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) 44% दर्ज की गई. गर्मी और नमी के इस मेल की वजह से शरीर को तापमान वास्तविक से कहीं ज्यादा महसूस हुआ. यही कारण है कि लोगों को 41-42 डिग्री तापमान भी लगभग 50 डिग्री जैसा महसूस हुआ.

आखिर मानसून में देरी क्यों हो रही है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर दिल्ली में मानसून 27-28 जून तक पहुंच जाता है. लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है. स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाएं लगातार गर्मी बढ़ा रही हैं. वहीं अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं नमी लेकर पहुंच रही हैं. इन दोनों तरह की हवाओं के टकराव से तापमान भी ऊंचा बना हुआ है और उमस भी बढ़ गई है. यानी एक तरफ गर्म हवाएं तापमान बढ़ा रही हैं, जबकि दूसरी तरफ नमी लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस करा रही है.

बादल आ रहे हैं, फिर भी राहत क्यों नहीं?
दोपहर बाद बादल बनने लगते हैं, लेकिन तब तक दिन का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हो चुका होता है. इस वजह से बादल होने के बावजूद दिनभर की तपिश कम नहीं हो पाती. नतीजा यह होता है कि तापमान भी ऊंचा रहता है और उमस भी बनी रहती है.

कब तक पहुंचेगा मानसून?
मौसम विभाग और स्काईमेट के अनुमान के मुताबिक, मानसून 30 जून या 1 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश पहुंच सकता है. इसके बाद 2-3 जुलाई तक उत्तराखंड में प्रवेश करेगा और यदि मौसम अनुकूल रहा तो 4 जुलाई के आसपास दिल्ली में मानसून दस्तक दे सकता है. इस दौरान एक छोटा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी बनने की संभावना है, जिससे कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है.

सोमवार को मिल सकती है राहत
IMD ने सोमवार को दिल्ली में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. हालांकि अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. वहीं राजधानी की हवा फिलहाल मध्यम श्रेणी में बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार रविवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 162 दर्ज किया गया, जो 'मॉडरेट' श्रेणी में आता है.

ये भी पढ़ें

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement