भारत के कई हिस्सों में आज भी इंटर-कास्ट मैरिज करना आसान नहीं होता है. समाज का दबाव, परिवार की नाराजगी और आर्थिक परेशानियां कई बार ऐसे रिश्तों के सामने बड़ी रुकावट बन जाती हैं.
इसी सोच को बदलने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र सरकार एक खास योजना चला रही है, जिसमें योग्य कपल को लाखों रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. महाराष्ट्र में इंटर-कास्ट शादी करने पर सरकार कितनी राशि देती है और इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है, चलिए बताते हैं.
क्या है योजना का नाम?
महाराष्ट्र सरकार की इस पहल का नाम है 'Incentive to Encourage Inter-Caste Marriage.' इस योजना का मुख्य उद्देश्य है जातिगत भेदभाव को कम करना, समाज में समानता बढ़ाना और सामाजिक एकता को मजबूत बनाना. इस योजना के तहत अगर शादी करने वाले कपल में से पति या पत्नी में कोई एक SC/ST वर्ग से आता है, तो सरकार आर्थिक सहायता देती है.
कितनी मिलती है मदद?
इस योजना के अंतर्गत कुल 3 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. इसमें 50 हज़ार रुपए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से दिए जाते हैं. वहीं, 2.5 लाख रुपए डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर फाउंडेशन की ओर से तरफ से दिए जाते हैं. यह राशि सीधे कपल के जॉइंट बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है.
किन कपल्स को मिलेगा फायदा?
अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी. जिसमें सबसे पहली शर्त है पति और पत्नी दोनों महाराष्ट्र के स्थायी निवासी हों. साथ ही कपल में से एक व्यक्ति SC/ST/VJ/NT या SBC कैटेगरी से होना.
इसके अलावा शादी हिंदू मैरिज एक्ट 1955 या स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के तहत रजिस्टर्ड होनी चाहिए. योजना का लाभ उठाने के लिए दूल्हे की उम्र कम से कम 21 साल और दुल्हन की उम्र 18 साल होनी चाहिए.