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कौन हैं DSP Shrestha Thakur, जिनसे नकली IRS ने की थी शादी, अब 6 साल बाद पूर्व पति Rohit Raj के खिलाफ दर्ज कराया धोखाधड़ी का केस, जानें क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के Shamli में तैनात डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर ने अपने पूर्व पति रोहित राज के खिलाफ Ghaziabad के कौशांबी में शिकायत दर्ज कराई है. DSP ने अपने पूर्व पति के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि रोहित राज ने लखनऊ में प्लॉट खरीदने के लिए उनके अकाउंट से फर्जी सिग्नेचर करके 15 लाख रुपए निकाले हैं. आपको बता दें कि रोहित राज ने फर्जी IRS बनकर साल 2018 में श्रेष्ठा ठाकुर से शादी की थी. जब सच्चाई सामने आई तो डीएसपी ने रोहित से तलाक ले लिया था.

DSP Shrestha Thakur (Photo/Instagram)
gnttv.com
  • गाजियाबाद,
  • 12 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:13 AM IST

उत्तर प्रदेश की तेज-तर्रार और मशहूर डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर धोखाधड़ी की शिकार हुई हैं. नकली IRS ने धोखे से डीएसपी से शादी कर ली थी. अब डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर ने एक मामले को लेकर अपने पूर्व पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. श्रेष्ठा की शिकायत के मुताबिक रोहित राज ने खुद को IRS अफसर बताया था. साल 2018 में दोनों ने शादी कर ली. लेकिन 2 साल के भीतर ही सच से पर्दा उठ गया और श्रेष्ठा ने तलाक ले लिया था. लेकिन आज भी रोहित राज श्रेष्ठा के नाम का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करती है. इस बार डीएसपी ने अपने पूर्व पति के खिलाफ फर्जी तरीके से अकाउंट से 15 लाख रुपए निकालने की शिकायत दर्ज कराई है.

फर्जी IRS ने की DSP से शादी-
श्रेष्ठा ठाकुर 2012 बैच की यूपी पीसीएस अधिकारी हैं और फिलहाल उत्तर प्रदेश के शामली में डीएसपी के तौर पर तैनात हैं. उन्होंने गाजियाबाद के कौशांबी पुलिस स्टेशन में अपने पूर्व पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के मुताबिक डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर की मुलाकात मेट्रोमोनियल साइट के जरिए रोहित राज से हुई थी. साल 2018 में दोनों ने शादी की थी. शादी के वक्त रोहित राज ने खुद को साल 2008 बैच का आईआरएस अधिकारी बताया था और खुद की पोस्टिंग रांची में डिप्टी कमिश्नर के तौर पर बताया था. 

IRS के नाम पर श्रेष्ठा को बनाया शिकार-
शिकायत में बताया गया है कि साल 2008 बैच में रोहित राज नाम के शख्स का सलेक्शन हुआ था. उनकी पोस्टिंग भी रांची में थी. नकली आईआरएस ने मिलते-जुलते नाम का फायदा उठाया और धोखाधड़ी से शादी कर ली. लेकिन शादी के कुछ महीने बाद ही सच्चाई सामने आ गई. इसके बावजूद श्रेष्ठा ठाकुर अपनी शादी बचाए रखने के लिए पति की बात मानती रहीं. लेकिन रोहित राज की धोखाधड़ी की आदत बढ़ती गई. वो दूसरे लोगों से भी ठगी करने लगा. ठगी के लिए रोहित राज श्रेष्ठा ठाकुर के नाम का भी इस्तेमाल करने लगा. इसके बाद श्रेष्ठा ठाकुर ने रोहित राज से तलाक ले लिया.

अकाउंट से निकाले पैसे तो दर्ज कराया केस-
तलाक के बाद भी रोहित राज की आदत नहीं बदली और वो श्रेष्ठा ठाकुर के नाम का इस्तेमाल करके लोगों से ठगी करता रहा. फिलहाल रोहित राज गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में ही रहा रहा है और लोगों से महिला अधिकारी के नाम पर ठगी करता है. रोहित राज ने लखनऊ में प्लॉट खरीदने के लिए श्रेष्ठा ठाकुर के अकाउंट से फर्जी तरीके से 15 लाख रुपए निकाल लिए. इसके बाद डीएसपी ने गाजियाबाद के कौशांबी थाने में शिकायत दर्ज कराई. फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

कौन हैं श्रेष्ठा ठाकुर-
डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर की छवि एक तेज-तर्रार अधिकारी की रही है. वो साल 2012 में यूपी पीसीएस परीक्षा पास करके अधिकारी बनी थीं. श्रेष्ठा बचपन में छेड़खानी की शिकार हुई थीं. इसके बाद उन्होंने अधिकारी बनकर छेड़छाड़ करने वालों को सबक सिखाने का फैसला किया. उन्होंने तैयारी की और पीसीएस की परीक्षा पास की. अफसर बनने के 6 साल बाद उन्होंने शादी की. लेकिन वो धोखाधड़ी की शिकार हो गईं.

(गाजियाबाद से अरविंद ओझा की रिपोर्ट)

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