रफ्तार के कहर और नियमों की अनदेखी ने शुक्रवार दोपहर द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं. गुरुग्राम से दिल्ली की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कैब ओवरटेक लेन में चल रहे लोडिंग ई-रिक्शा से पीछे से टकरा गई. टक्कर इतनी भयावह थी कि ई-रिक्शा में लदा लोहे का एक मोटा सरिया कैब का शीशा तोड़ते हुए चालक के शरीर के आर-पार निकल गया. चालक ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, जबकि कैब में बैठी एक महिला यात्री गंभीर रूप से घायल हो गई.
लोडिंग ई-रिक्शा की कैब से हुई भिड़ंत
चश्मदीदों के मुताबिक हादसा दोपहर के वक्त हुआ जब एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार तेज थी. इसी दौरान नियमों को ताक पर रखकर ओवरटेक लेन (फास्ट लेन) में चल रहे एक लोडिंग ई-रिक्शा से पीछे से आ रही कैब की जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर लगते ही चीख-पुकार मच गई. ई-रिक्शा में रखे सरिए कैब के अगले हिस्से को चीरते हुए अंदर घुस गए. एक सरिया सीधे कैब चालक के सीने में जा धंसा. राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और गाड़ी में फंसी घायल महिला यात्री को बाहर निकाला.
कैब चालक की मौके पर ही मौत
हादसा बेहद दर्दनाक था. तेज रफ्तार कैब ने आगे चल रहे लोडिंग ई-रिक्शा को पीछे से टक्कर मारी. सरिए के आर-पार होने से कैब चालक की मौके पर ही मौत हो गई. घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत बचाव दल मौके पर पहुंचे. पुलिस ने कटर की मदद से सरिए को काटकर चालक के शव को गाड़ी से निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा. वहीं गंभीर रूप से घायल महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
ओवरटेक लेन में ई-रिक्शा कैसे चल रहा था?
इस दिल दहला देने वाले हादसे ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. तेज रफ्तार कॉरिडोर की ओवरटेक लेन में धीमी गति का लोडिंग ई-रिक्शा कैसे चल रहा था? बिना किसी सुरक्षा उपाय या लाल कपड़े के खुलेआम जानलेवा सरिए लादकर ले जाने की अनुमति किसने दी? पुलिस ने दुर्घटनास्थल का मुआयना कर दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है. हादसे की असली वजह और लापरवाही का सटीक पता लगाने के लिए पुलिस एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है.