ई20 पेट्रोल को लेकर आम आदमी पार्टी लगातार हमलावर है. दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल लगातार विरोध कर रहे हैं. केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक पैदल मार्च करने की तैयारी में हैं. इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के कॉन्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट ई20' कार्यक्रम कर चुके हैं. जिसमें उन्होंने लोगों को ई20 को लेकर अपनी बात कहने का मौका दिया.
सरकार कोई जवाब नहीं दे रही है- केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने ई20 को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि इथेनॉल को लेकर देश की जनता परेशान है. गाड़ियों की माइलेज कम हो रही है. गाड़ियां लगातार खराब हो रही हैं. लेकिन सरकार प्रश्नों के बिना कोई जवाब दिए लोगों पर इसे जबरदस्ती थोप रही है. इससे लगाता है कि इसमें सरकार का कोई हिडेन एजेंडा है.
ट्रंप के दबाव में इथेनॉल को बढ़ावा- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में इथेनॉल को बढ़ावा दे रही है. ट्रंप जबरदस्ती अपने देश का इथेनॉल भारत में एक्सपोर्ट करना चाहते हैं. केजरीवाल का कहना है कि एक अनुमान के हिसाब से अगले 5 साल में भारत 20 मिलियन डॉलर का इथेनॉल अमेरिका से खरीदेगा, जो पूरे देश पर थोपा जाएगा. उन्होंने कहा कि हमारे देश की गाड़ियां खराब करके सरकार ट्रंप के सामने झुकी हुई है.
7 लाख से ज्यादा लोगों ने लाइव देखा- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट ई20' प्रोग्राम का काफी सफल रहा. कॉन्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के अंदर और बाहर बहुत ज्यादा लोग जुटे थे. इस प्रोग्राम को 7 लाख से ज्यादा लोगों ने लाइव देखा था. उन्होंने कहा कि ये एक रिकॉर्ड है कि कोई भी कार्यक्रम 7 लाख लोगों ने लाइव देखा है. ये दिखाता है कि कितने ज्यादा लोग परेशान हैं और किस तरह से सपोर्ट में आए?
कल पीएम आवास जाऊंगा- केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि हमने कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री के नाम एक ऑनलाइन पिटिशन साइन करवाई थी तो करीब 2,33,238 लोगों ने इस पिटिशन पर साइन किया था. उन्होंने कहा कि कल प्रधानमंत्री को ये पिटिशन सौंपने के लिए मैं 100 लोगों के साथ अपने दफ्तर से निकलूंगा और हम चाहते हैं कि ये पिटिशन हम पर्सनली उनको हैंडओवर करके आएं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम उनके चर्चा करना चाहते हैं कि कैसे ये गलत है और उससे लोग परेशान हैं.
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