चुनाव आयोग ने गुरुवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया. इस बार हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष सत्यापन किया जाएगा. यह पूरी प्रक्रिया 30 मई से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया जाएगा.
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस प्रक्रिया का मकसद वोटर लिस्ट को ज्यादा सटीक और अपडेट बनाना है, ताकि गलत नाम, डुप्लीकेट एंट्री और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें. SIR के दौरान बूथ स्तर पर अधिकारियों की मदद से घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जाएगी.
ये तीर मुख्य राज्यों पर हो सकता है फोकस
इस तीसरे चरण में जिन राज्यों को शामिल किया गया है, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर खास माने जा रहे हैं, क्योंकि इन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. वहीं बाकी 13 राज्यों में 2028 और 2029 के दौरान चुनाव प्रस्तावित हैं. ऐसे में चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को दुरुस्त करना आयोग की बड़ी तैयारी मानी जा रही है.
2030 तक इन राज्यों में होंगे चुनाव
SIR वाले राज्यों में 2030 तक विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. ऐसे में यह वेरिफिकेशन आने वाले चुनावों की तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है.
किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR?
तीसरे चरण में हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, सिक्किम और ओडिशा समेत कुल 16 राज्य शामिल किए गए हैं. इसके अलावा 3 केंद्र शासित प्रदेशों में भी SIR लागू किया जाएगा. हालांकि इन केंद्र शासित राज्यों में चुनाव नहीं होते, लेकिन फिर भी यहां SIR करवाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
पहले और दूसरे चरण का पड़ा था चुनाव पर असर
चुनाव आयोग का यह भी कहना है कि पहले और दूसरे चरण में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश पहले ही कवर किए जा चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि जिन राज्यों में पहले SIR या स्पेशल रिवीजन की प्रक्रिया पूरी हुई, वहां बाद में हुए चुनावों में अलग-अलग राजनीतिक नतीजे देखने को मिले.
इन राज्यों में इतने वोटर्स
4 लाख BLO और 3.42 लाख एजेंट होंगे तैनात
इतनी बड़ी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए चुनाव आयोग ने करीब 4 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात करने की तैयारी की है. इनकी जिम्मेदारी वोटरों की जानकारी की जांच और दस्तावेज सत्यापन की होगी.
जानें आपके राज्य में कब होगा वेरिफिकेशन
चुनाव आयोग ने अलग-अलग राज्यों के लिए SIR वेरिफिकेशन की तारीखें तय की हैं, जो 30 मई से 23 दिसंबर के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरी होंगी. मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने दस्तावेज अपडेट रखें और सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि वोटर लिस्ट में किसी तरह की दिक्कत न आए.