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Fact Check: क्या दिल्ली के स्कूलों में पढ़ाई जा रही नमाज और कलमा? देखिए फैक्ट चैक में वीडियो का असली सच

दिल्ली में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. विधानसभा की सभी 70 सीटों के लिए पांच फरवरी को वोटिंग होगी और नतीजे आठ फरवरी को आएंगे. ऐसे में राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी तेज हो गया है. इन सबके बीच सोशल मीडिया पर सरकारी स्कूल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें बच्चे स्कूल में नमाज पढ़ते नजर आ रहे हैं.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:54 AM IST

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. 5 फरवरी को मतदान होने के बाद 8 फरवरी को नतीजे आएंगे. चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही सियासी पार्टियों के एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ गए हैं.

इन सबके बीच सोशल मीडिया पर दिल्ली के किसी सरकारी स्कूल का बताकर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. वीडियो किसी कार्यक्रम का है, जिसमें भारत माता की पोशाक पहनी हुई एक बच्ची के सिर पर से कुछ बच्चे मुकुट उतारकर उस पर सफेद कपड़ा बांधते हुआ नज़र आ रहे हैं. इसके बाद मंच पर खड़े बच्चे नमाज पढ़ना शुरू कर देते हैं.

वीडियो को शेयर करते हुए एक फेसबुक यूजर ने लिखा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ये हो रहा है. भारत माता के सिर से मुकुट उतारकर सफेद कपड़ा रखकर कलमा पढ़ाया जा रहा है. ये है दिल्ली के स्कूलों का केजरीवाल मॉडल, इसे ज्यादा से ज्यादा फैलाओ. सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर इस वीडियो को शेयर करते हुए अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा जा रहा है.

वीडियो का फैक्ट चैक
कीवर्ड्स के जरिये खोजने पर हमें एक पत्रकार का एक्स पोस्ट मिला जिसमें उन्होंने इसी कार्यक्रम का 2 मिनट 20 सेकंड लंबा वीडियो शेयर किया था. अगस्त 2022 को शेयर किया गया ये वीडियो दूसरे एंगल से रिकॉर्ड किया गया है. पोस्ट के मुताबिक, ये लखनऊ का वीडियो है.

दिलचस्प बात ये है कि इस वीडियो में नाटक कर रहे बच्चों को सिर्फ नमाज पढ़ते नहीं, बल्कि हिन्दू, सिख और ईसाई धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार प्रार्थना करते देखा जा सकता है.

क्या कहना है लखनऊ पुलिस का
सर्च के दौरान हमें लखनऊ पुलिस का अगस्त 2022 का एक एक्स पोस्ट मिला जिसमें उन्होंने इस वीडियो को शिशु भारतीय विद्यालय, मालवीय नगर थाना बाज़ार खाला का बताया है. पोस्ट में बताया गया है कि स्कूल के बच्चों ने एक नाटक का मंचन किया था, इसके जरिए धर्म के नाम पर झगड़ा फसाद ना करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया गया है. पुलिस ने आधे-अधूरे हिस्से को ट्वीट कर भ्रम फैलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की बात भी कही थी.

साफ है, लखनऊ के एक स्कूल में सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के मकसद से किए गए नाटक मंचन के अधूरे वीडियो को दिल्ली के सरकारी स्कूल का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है.


 

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