मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के बाद कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को अवगत कराया. उन्होंने अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार भी बताया.
किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा
मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार आज अन्नदाता किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही है. वर्ष 2017 से पहले जो अन्नदाता किसान कर्ज, बदहाली व लाचारी में डूबा रहता था और बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर था. आज वही अन्नदाता किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत बीज, सिंचाई, और डीबीटी के माध्यम से एमएसपी एवं पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहा है.
8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई कृषि विकास दर
मुख्यमंत्री ने बताया कि दशकों से लटकी सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण हुई हैं. प्रदेश, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान कर रहा है. कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है. दुग्ध, गन्ना, गेहूं आदि के उत्पादन में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है.
धान किसानों को किया गया ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतान
मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नदाता किसान की मेहनत का सम्मान एवं उसकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई. ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया. उसी प्रतिबद्धता के साथ इस बार भी धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है.
किसान की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार के लिए अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार बताया. उन्होंने कहा कि इसीलिए अन्नदाता किसान के अधिकार की रक्षा और उसकी खुशहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.