केवल 24 घंटे में पुलिस ने खोज निकाली नाबालिग लड़कियां, बेहतर अवसर की तलाश में बिना बताए निकली थी घर से

मामला ऐसा है कि पुलिस ने बिहार में लापता हुई लड़कियों को दिल्ली से ढूंढ निकाला है.

कुमारबाग थाना
gnttv.com
  • बेतिया,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:49 PM IST

बिहार के बेतिया जिले से लापता हुई पांच नाबालिग किशोरियों के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है. कुमारबाग थाना क्षेत्र के बड़का लखौरा गांव से 2 फरवरी की शाम एक साथ पांच किशोरियां अचानक गायब हो गई थीं. किशोरियों के लापता होने से गांव में हड़कंप मच गया और परिजन काफी परेशान नजर आए.

खोजबीन के बाद थाने पहुंचा मामला
परिजनों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन जब कोई ठोस जानकारी नहीं मिली तो कुमारबाग थाना में गुमशुदगी का आवेदन दिया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी.

एसपी के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम
बेतिया के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. एसपी के आदेश पर सदर डीएसपी विवेक दीप के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया. टीम को साफ निर्देश दिया गया कि हर हाल में बच्चियों को सुरक्षित खोजा जाए.

तकनीकी जांच से दिल्ली तक पहुंची पुलिस
जांच टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर डंप और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू की. लगातार मिलते इनपुट्स को जोड़ते हुए पुलिस की जांच दिल्ली तक पहुंची. इसके बाद दिल्ली पुलिस से समन्वय स्थापित कर सभी पांचों किशोरियों को सकुशल बरामद कर लिया गया.

परिजनों को सुरक्षित सौंपा गया
बरामदगी के बाद पुलिस ने किशोरियों से पूछताछ की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की. इसके बाद सभी को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया. बच्चियों के सकुशल मिलने से परिवार वालों ने राहत की सांस ली.

बेहतर अवसर की तलाश में गई थीं दिल्ली
इस पूरे मामले में सदर डीएसपी विवेक दीप ने बताया कि सभी किशोरियां बेहतर अवसर की तलाश में एक साथ दिल्ली चली गई थीं. उन्होंने परिवार को बिना जानकारी दिए यह कदम उठाया था. किशोरियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है और उनके पास कपड़े और जरूरी सामान भी मिले, जिससे साफ है कि वह कुछ समय तक दिल्ली में रहने की योजना बनाकर निकली थीं.

पहले भी दिखा चुके हैं कार्यकुशलता
यह पहला मौका नहीं है जब डीएसपी विवेक दीप ने अपनी तेज निर्णय क्षमता और कुशल नेतृत्व से बेहतर पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया हो. उनकी सक्रियता और तकनीकी समझ के चलते एक बड़ा मामला समय रहते सुलझा लिया गया.

(रिपोर्ट- अभिषेक पाण्डेय)

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