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Multidimensional poverty in India: योगी सरकार का कमाल! यूपी में कम हुई गरीबी, पिछले 9 साल में 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए

देश में गरीबी (Poverty) उन्मूलन के मोर्चे पर अच्छी खबर (Good News) है. गरीबी हटाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के पॉजिटिव रिजल्ट सामने आने लगे हैं. 

Poverty
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 16 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 3:55 PM IST
  • 9 साल में 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए
  • करीब 40 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए

देश में गरीबी (Poverty) उन्मूलन के मोर्चे पर अच्छी खबर (Good News) है. गरीबी हटाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के पॉजिटिव रिजल्ट सामने आने लगे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने शानदार उपलब्धि दर्ज कराई है. कभी बीमारू राज्य के नाम से जाने जाने वाले यूपी में पिछले 9 साल में 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं.

नीति आयोग के ये आंकड़े बताते हैं कि यूपी बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है. नीति आयोग की रिपोर्ट ''मल्टीडायमेंशनल पावर्टी इन इंडिया सिन्स 2005-06'' में इसका खुलासा हुआ है. इसका मतलब साफ है यूपी में पिछले 9 सालों में गरीबों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. गरीबी से बाहर निकलने वाले टॉप 5 राज्यों में मध्य प्रदेश भी शामिल है.

यूपी में 5.94 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए
नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में साल 2013-14 में 42.59 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे रह रहे थे. जबकि पिछले साल यानि 2022-23 में यह आंकड़ा घटकर 17.40 प्रतिशत पर पहुंच गया. इसके अनुसार इन नौ वर्षों में प्रदेश के अंदर करीब 5.94 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए. प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद गरीबी हटाने के लिए चलाई गईं केंद्र सरकार की योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू किया है. वहीं बात करें देश की तो 2013-14 में 29.17 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 11.28 प्रतिशत रह गई है. इस दौरान लगभग 24.82 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल गए. पिछले दो दशकों के दौरान भारत में करीब 40 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं.
 

मोदी की गारंटी का कमाल: योगी आदित्यनाथ
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. बहुआयामी गरीबी उन्मूलन की दिशा में भारत की यात्रा में उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. कुशल एवं प्रभावी नीतियों के साथ, यूपी में 5.94 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाया गया है.यह आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त और समृद्ध भारत के विजन के अनुरूप है. ये ''मोदी की गारंटी'' है, जिस पर पूरा देश भरोसा करता है.

 

विकास जारी रहेगा: प्रधानमंत्री मोदी
नीति आयोग की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा- ये नतीजे बेहद उत्साहजनक हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में परिवर्तनकारी बदलावों पर ध्यान केंद्रित करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. हम सबका विकास और प्रत्येक भारतीय के लिए समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना जारी रखेंगे.

बता दें दिन में 180 रुपये से कम कमाने वालों को गरीबी रेखा से नीचे माना जाता है. गरीबी के मामले में बिहार टॉप पर है. दूसरे नंबर पर झारखंड है. केरल में सबसे कम गरीबी है.

 

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