MeitY Strict Action: इंस्टाग्राम पर बाल शोषण से जुड़े विज्ञापनों को लेकर केंद्र सरकार सख्त, आईटी मंत्रालय ने मेटा को नोटिस भेजकर मांगा जवाब

इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण से जुड़े कथित विज्ञापनों को लेकर केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस जारी किया है. आईटी मंत्रालय ने आपत्तिजनक कंटेंट तुरंत हटाने और जवाब देने के निर्देश दिए हैं.

MeitY Strict Action
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखने वाले विज्ञापन अब सिर्फ मार्केटिंग का जरिया नहीं रह गए हैं. कई बार इन्हीं विज्ञापनों के जरिए आपत्तिजनक और गैरकानूनी कंटेंट भी लोगों तक पहुंचने लगता है. इसी को लेकर केंद्र सरकार ने Meta (Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. सरकार ने Instagram पर कथित तौर पर बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSEAM) को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को तुरंत हटाने का आदेश दिया है और कंपनी से जवाब भी मांगा है.

सरकार ने Meta को क्या निर्देश दिए?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta को नोटिस जारी कर कहा है कि Instagram पर मौजूद ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट, जो बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री तक पहुंच बनाने या उसे बढ़ावा देने का काम करते हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाए. साथ ही कंपनी से इस मामले में विस्तृत जवाब भी मांगा गया है.

मामला आखिर सामने कैसे आया?
रिपोर्ट के मुताबिक Instagram पर कुछ ऐसे पेड विज्ञापन दिखाई देने की बात सामने आई, जिनके जरिए कथित तौर पर Child Sexual Exploitative and Abuse Material (CSEAM) तक पहुंच बनाई जा सकती थी. इस मामले को सरकार ने बेहद गंभीर माना और तत्काल कार्रवाई करते हुए Meta को नोटिस भेज दिया.

Meta से मांगा गया जवाब
सरकार ने Meta से पूछा है कि ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर कैसे पहुंचे और उन्हें रोकने के लिए कंपनी ने अब तक क्या कदम उठाए हैं. कंपनी को जवाब देने के लिए समय दिया गया था. बाद में आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि Meta का जवाब सरकार को मिल चुका है और उसकी जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

नियमों का पालन नहीं किया तो हो सकती है कार्रवाई
सरकार ने साफ किया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि वे इस तरह के गैरकानूनी कंटेंट और विज्ञापनों को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह न दें. यदि तय नियमों का पालन नहीं किया गया तो सूचना प्रौद्योगिकी कानून और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी वजह से सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे कंटेंट के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने, शिकायत मिलने पर समय पर जवाब देने और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं. हाल के दिनों में सरकार ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट पर तय प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन करने को भी कहा है.
 

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