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Gujarat Security on Border: जल-थल... पाकिस्तान के साथ दोनों सीमाएं शेयर करता है गुजरात... तनाव के बीच की चाकचोबंद सुरक्षा

गुजरात की पाकिस्तान से लगती लगभग 512 किलोमीटर लंबी ज़मीनी सीमा मुख्य रूप से रेगिस्तान और दलदली इलाकों से बनी है. वहीं, राज्य की 2,340 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा भारत में सबसे लंबी है.

Border security increased in Gujarat (Representational Image)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 09 मई 2025,
  • अपडेटेड 8:10 AM IST

पाकिस्तान के साथ भूमि और समुद्री सीमा साझा करने वाला एकमात्र भारतीय राज्य है गुजरात. ऐसे में, दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र गुजरात सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत कर रहा है. बुधवार को राज्य पुलिस प्रशासन की आईजी गगनदीप गंभीर ने सभी पुलिस अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें ड्यूटी पर लौटने का आदेश दिया.

भुज में हमले की कोशिश
बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात पाकिस्तान ने भुज समेत कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. भुज, कच्छ जिले में स्थित है, जो भारत का सबसे बड़ा ज़िला है और पाकिस्तान से लगती भूमि और समुद्री सीमा दोनों के कारण रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है. गुजरात की पाकिस्तान से लगती लगभग 512 किलोमीटर लंबी ज़मीनी सीमा मुख्य रूप से रेगिस्तान और दलदली इलाकों से बनी है. वहीं, राज्य की 2,340 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा भारत में सबसे लंबी है. 

संयुक्त गश्त और खुफिया समन्वय
कच्छ (पश्चिम) के पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बीएसएफ और पुलिस ने संयुक्त गश्त बढ़ा दी है और खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय को मज़बूत किया गया है. उन्होंने बताया कि सीमावर्ती गांवों के नागरिकों, 'सागर रक्षक दल' और मछुआरा निगरानी समूह से भी सहयोग लिया जा रहा है. 

पगी जनजाति की मदद
बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक अक्षयराज माकवाणा ने बताया कि रेगिस्तानी इलाके की गश्त में पगी जनजाति के विशेषज्ञों को ऊंट सवार पुलिस के साथ शामिल किया गया है. यह जनजाति रेगिस्तान में पैरों के निशान पहचानने की कला में माहिर मानी जाती है.

तटीय सुरक्षा और नावों की जांच
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, गुजरात के पश्चिमी तट पर नावों, उनके मालिकों और मछुआरों के दस्तावेज़ों की कड़ी जांच हो रही है. हर जिले में नावों के कार्गो की भी जांच की जा रही है. गौरतलब है कि 26/11 हमलों में इस्तेमाल की गई नाव 'एमवी कुबेर' पोरबंदर की ही थी. जामनगर के एसपी प्रेमसुख डेलू ने कहा कि तटीय गांवों में 24 घंटे गश्त की जा रही है और सीआईएसएफ के साथ मिलकर तेल रिफाइनरी जैसे महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा की जा रही है.

मंदिरों और द्वीपों की सुरक्षा
द्वारका, सोमनाथ और अंबाजी जैसे प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा को मज़बूत किया गया है. गिर-सोमनाथ के एसपी मनोहरसिंह जाडेजा ने बताया कि बम निष्क्रियकरण दस्ते और डॉग स्क्वाड नियमित जांच कर रहे हैं. द्वारका जिले के समीप 23 द्वीप हैं, जिनमें 21 निर्जन हैं. बेत द्वारका और अजाद टापू जैसे द्वीपों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. 2024 में सुरक्षा कारणों से कुछ अन्य द्वीपों से आबादी हटाई गई थी.

औद्योगिक क्षेत्र और कंपनियों के साथ समन्वय
सूरत के सहायक पुलिस आयुक्त दीप वकील ने बताया कि हजीरा, इछापोर, डुमस और मरीन पुलिस स्टेशनों की टीमों ने रिलायंस, एलएंडटी, ओएनजीसी, अडानी, गैस अथॉरिटी, एनटीपीसी, शेल, एएम/एनएस, क्रिभको जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर तटीय सुरक्षा अभ्यास कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को अपने मज़दूरों के दस्तावेज़ों की जांच करने और संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी स्थानीय पुलिस को देने को कहा गया है. 

मरीन टास्क फोर्स की तैनाती
डीआईजी आरटी सुषरा ने बताया कि मरीन टास्क फोर्स की 12 तटीय जगहों पर तैनाती की गई है और 500 प्रशिक्षित कमांडो स्टैंडबाय पर हैं. कोस्ट गार्ड, स्थानीय पुलिस और मरीन टास्क फोर्स मिलकर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं. 

सामान्य जनजीवन और तैयारियां
बनासकांठा के कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि सरकारी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाएं स्टॉक कर ली गई हैं. गिर सोमनाथ के कलेक्टर एन वी उपाध्याय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर खुला है और मछुआरों को किसी प्रकार की पाबंदी नहीं दी गई है. 

गुजरात की सुरक्षा व्यवस्था बहु-स्तरीय है- जहां समुद्री सीमा की रक्षा भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड करते हैं, वहीं तटीय सुरक्षा पुलिस और मरीन टास्क फोर्स संभालती है. ज़मीनी सीमा की सुरक्षा बीएसएफ और जिला पुलिस के हाथ में है. राज्य में कई प्रमुख वायुसेना अड्डे भी मौजूद हैं. 

 

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