Banaras GI Tagged Gulabi Meenakari: काशी तमिल संगमम में पीएम मोदी को भेंट की जाएगी बनारस की गुलाबी मीनाकारी, जानिए क्यों है खास

आज पीएम मोदी को काशी-तमिल संगमम में एक खास तरह का स्मृति चिन्ह भेंट किया जाएगा. ये स्मृति चिन्ह व्हाइट मेटल का है, और इस पर बनारस की जीआई टैग्ड गुलाबी मीनाकारी की गई है. पीएम मोदी इससे पहले कई विदेशी मेहमानों को गुलाबी मीनाकारी की बनी हुई चीजें भेंट कर चुके हैं.

काशी तमिल संगमम में पीएम मोदी को भेंट की जाएगी बनारस की गुलाबी मीनाकारी
शिल्पी सेन
  • नई दिल्ली,
  • 19 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 1:45 PM IST
  • स्मृति चिन्ह से ख़ास संदेश देने की कोशिश 
  • पहली बार व्हाइट मेटल पर की गई गुलाबी मीनाकारी

आज से वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम’ की शुरुआत हो रही है. इस मौके पर तमिल अतिथियों के स्वागत के लिए जहां काशी सजधज कर तैयार है, वहीं अतिथियों के आवभगत में कोई कमी न रह जाए इसके लिए यूपी सरकार तमाम तरह की तैयारियों में जुटी है. यूपी सरकार भी उद्घाटन के समारोह की ख़ास बनाने के लिए तैयार है. उद्घाटन समारोह में आने वाले प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेंद्र मोदी को दिया जाने वाला स्मृति चिह्न भी बेहद ख़ास होगा. चांदी के इस स्मृति चिह्न से बनारस की परम्परागत ‘गुलाबी मीनाकारी’ की चमक को इन मेहमानों के बीच लाएगी.

स्मृति चिन्ह से ख़ास संदेश देने की कोशिश 
बनारस में काशी-तमिल संगमम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया जाने वाला स्मृति चिह्न बहुत ख़ास होगा. बनारस की परम्परागत GI टैग्ड गुलाबी मीनाकारी से तैयार ये स्मृति चिह्न जर्मन सिल्वर का बनाया गया है. इसपर एक ओर काशी विश्वनाथ मंदिर तो दूसरी ओर मीनाक्षी मंदिर की आकृति उकेरी गयी है. शिव और शक्ति के संगम को बताने वाले इस स्मृति चिह्न पर बीच में कलम की आकृति बनी हुई है. कहाँ एक ओर काशी विश्वनाथ और मीनाक्षी मंदिर की आकृति को सुनहरे रंग से पेंट किया गया है वहीं कलम को नीले रंग से मीनाकारी करके बनाया गया है. इस पर हिंदी तमिल और अंग्रेजी में काशी-तमिल संगमम लिखा हुआ है.

पहली बार व्हाइट मेटल पर की गई गुलाबी मीनाकारी
इस स्मृति चिह्न को राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त गुलाबी मीनाकारी के आर्टिस्ट कुंज बिहारी सिंह और उनके साथी कारीगरों ने बनाया है. कुंज बिहारी कहते हैं "अब तक चांदी और सोने पर गुलाबी मीनाकारी होती रही है. पहली बार वाइट मेटेल(white metal) पर की गयी है." इसके गोल्डन रंग की मीनाकारी वेंडियम धातु से की गयी है जबकि नीला रंग कोबाल्ट धातु के ऑक्साइड से सजाया गया है. 11 इंच ऊँचे इस स्मृति चिह्न का वजन 350 ग्राम है.

विदेशी मेहमानों को गुलाबी मीनाकारी का तोहफा दे चुके हैं पीएम मोदी 
बनारस की परम्परागत गुलाबी मीनाकारी एक ख़ास कारीगरी है. इसे सोने-चांदी पर अलग अलग रंगों से किया जाता है. जयपुर की मीनाकारी से अलग इसमें गुलाबी रंग की प्रधानता होती है. इसे बनारस का GI टैग्ड कला का दर्जा प्राप्त है तो यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट(ODOP) में भी गुलाबी मीनाकारी को शामिल किया गया है. नरेंद्र किसी ने काशी का सांसद बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी ब्रांडिंग अपने ही अन्दाज़ में विदेशी मेहमानों को तोहफा दे कर की है. इस साल G-7 समिट में पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden को काशी की गुलाबी मीनाकारी का कफ़लिंक (cufflinks) और ब्रोच( Brooch) दिया था. इसकी बहुत चर्चा हुई थी. साथ ही पिछले साल अमेरिका दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamala Harris) को गुलाबी मीनाकारी का शतरंज बोर्ड (chess) दिया था. वहीं  ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को गुलाबी मीनाकारी का जहाज दिया था. ये दोनों ही राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार कुंज बिहारी और उनके साथी कारीगरों ने तैयार किए थे.

सीएम योगी भी प्रमोट करते हैं गुलाबी मीनाकारी
पीएम के गुलाबी मीनाकारी के प्रति लगाव को देखते हुए खुद यूपी के मुख्यमंत्री होगी आदित्यनाथ ने भी गुलाबी मीनाकारी की ब्रांडिंग पर ज़ोर दिया. इसे एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया गया. काशी दौरे पर आए नेपाल के प्रधानमंत्री को सीएम योगी ने भी गुलाबी मीनाकारी की गणेश प्रतिमा उपहार के तौर पर दिया. अब खुद पीएम नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने हाथ से काशी की ये नायाब कारीगरी देंगे. एक महीने तक चलने वाले काशी तमिल संगमम में काशी की काष्ठ कला के साथ गुलाबी मीनाकारी के उत्पादों का स्टॉल भी लगाया जाएगा.

 

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