Advertisement

हिंदू युवक ने नमाज़ के लिए खाली कर दी अपनी दुकान, पहले भी कर चुके हैं ऐसा

राव का कहना है कि उनकी दुकानों के ज्यादातर किरायेदार मुस्लिम हैं और उन्हें जुमे की नमाज पढ़ने के लिए तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. उनकी परेशानियों को देखते हुए राव ने अपनी एक खाली पड़ी दुकान में नमाज पढ़ने को दी है. इस छोटी सी जगह में 15 से 20 लोग नमाज पढ़ सकते हैं.

सांकेतिक तस्वीर
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 17 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 6:46 PM IST
  • गुरुग्राम में हिंदू युवक ने मुस्लिमों को अपनी दुकान में नमाज पढ़ने की पेशकश की
  • पेशे से एक वाइल्ड लाइफ टूर ऑर्गनाइजर हैं अक्षय राव

ओल्ड गुड़गांव में रहने वाले अक्षय राव ने अपनी खाली दुकान को मुस्लिमों के लिए नमाज पढ़ने के लिए दे दी है. इसके पीछे अक्षय का उद्देश्य अपने मुस्लिम भाइयों को भरोसा दिलाना है कि हम शुरू से एकदूसरे के  साथ शांति से रहते आए हैं, और आगे भी अपने सामाजिक सौहार्द को बनाए रखेंगे.

अक्षय राव ने नमाज के लिए दे दी अपनी दुकान 

अक्षय राव पेशे से एक वाइल्ड लाइफ टूर ऑर्गनाइजर अक्षय राव ओल्ड गुड़गांव के मकैनिक मार्केट में कई दुकानों के मालिक हैं. राव का कहना है कि उनकी दुकानों के ज्यादातर किरायेदार मुस्लिम हैं और उन्हें जुमे की नमाज पढ़ने के लिए तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. उनकी परेशानियों को देखते हुए राव ने अपनी एक खाली पड़ी दुकान में नमाज पढ़ने को दी है.  इस छोटी सी जगह में 15 से 20 लोग नमाज पढ़ सकते हैं. 

इससे पहले भी कई बार कर चुके हैं ऐसा

अक्षय ने ऐसा पहली बार नहीं किया है, उन्होनें कई बार  अपनी जमीन को नमाज पढ़ने के लिए थोड़े दान की है. राव ने  टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि बचपन से वो गुरुग्राम में रहे हैं, और उन्होनें कभी भी सांप्रदायिक  झगड़ा नहीं देखा है.  उन्होंने आगे कहा, 'अक्सर न्यूज में ये देखने सुनने को मिलता है कि मुस्लिम भाइयों को जगह की कमी से नमाज पढ़ने में काफी दिक्कत पेश आती है. मैने बस इसी परेसानी को दूर करने के लिए ये कदम उठाया है. 

मुस्लिम समूहों ने अक्षय की पेशकश का स्वागत किया

मुस्लिम समूहों ने अक्षय राव की पेशकश का स्वागत किया है लेकिन उनका कहना है कि उन्हें अभी तक औपचारिक तौर पर प्रस्ताव नहीं मिला है. साथ ही उनका  ये भी कहना है कि निजी जगह कोई हमारी परेशानी का हल नहीं है, क्योंकि पहले ऐसा हो चुका है कि पड़ोसी आपत्ति जताने लगते हैं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement