कोविड-19 को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है. कोरोना का नया खतरा बीएफ.7 मंडरा रहा है. भारत में इसके मामले सामने आए हैं. गुरुवार को पीएम मोदी ने इसके लिए उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई. जिसमें कोरोना पर ताजा स्थितियों का जायजा लिया गया. इस दौरान सरकार ने कुछ पाबंदियों को दोबारा लागू किया है. विदेशों से आ रहे लोगों के लिए भी नियम लागू कर दिए हैं. यात्रियों द्वारा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने से लेकर मास्क आदि सभी नियम लागू कर दिए गए हैं.
अराइवल पर इन नियमों का करना होगा पालन
-अराइवल के समय शारीरिक दूरी सुनिश्चित करते हुए डी-बोर्डिंग की जानी चाहिए.
-सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग वहां मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए.
-स्क्रीनिंग के दौरान लक्षण पाए जाने वाले यात्रियों को तुरंत आइसोलेट कर दिया जाना चाहिए.
-इसके अलावा, एयरपोर्ट पर अराइवल पर करीब 2 प्रतिशत यात्रियों की रैंडम टेस्टिंग होगी.
-जिन पैसेंजर्स में लक्षण दिखेंगे ऐसे यात्रियों की पहचान संबंधित एयरलाइनों द्वारा की जाएगी. वे उनके सैंपल जमा करेंगे और उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने की अनुमति दी जाएगी.
-अगर किसी यात्री का सैंपल पॉजिटिव पाया जाता है तो उस सैंपल को जीनोमिक सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा.
-साथ ही 12 साल से कम उम्र के बच्चों को रैंडम सैंपलिंग से छूट दी जाएगी. अगर किसी बच्चे में लक्षण पाए जाते हैं तो उसके अनुसार बच्चे को इलाज के लिए भेजा जाएगा.
टेस्टिंग और जीनोमिक सीक्वेंसिंग में तेजी लाई जाए: पीएम मोदी
बताते चलें, पीएम ने अधिकारियों से टेस्टिंग और जीनोमिक सीक्वेंसिंग के प्रयासों में तेजी लाने को कहा है. इसके अलावा राज्यों को INSACOG जीनोम सिक्वेंसिंग लैब के साथ दैनिक आधार पर बड़ी संख्या में सैंपल साझा करने के लिए कहा गया है. बैठक के दौरान, वर्तमान वैश्विक कोविड-19 स्थिति पर एक प्रस्तुति दी गई. प्रधान मंत्री को भारत के मामलों में लगातार गिरावट के बारे में जानकारी दी गई. पीएम ने इस दौरान राज्यों को ऑक्सीजन सिलेंडर, पीएसए प्लांट, वेंटिलेटर और मानव संसाधन सहित अस्पताल के बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाने के आदेश दिए.
कोविड-19 मानकों का पालन करने की दी सलाह
बैठक के दौरान, पीएम मोदी ने लोगों से विशेष रूप से त्योहारी सीजन को देखते हुए हर समय कोविड-19 मानदंडों का पालन करने का आग्रह किया. उन्होंने विशेष रूप से कमजोर और वरिष्ठ नागरिकों को प्रीकॉशनरी डोज लेने का आग्रह किया. साथ ही आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और कीमतों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी.