Advertisement

मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान और महाराष्ट्र में बारिश को लेकर चेतावनी...बाढ़ के साथ हो सकता है नुकसान

अगले 12 घंटों के दौरान सिस्टम सेंटर के आसपास पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में 30-40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. मध्य- प्रदेश के 52 में से 45 जिलों में काफी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है.

Heavy Rain (Representative Image)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 7:49 AM IST
  • नुकसान की आशंका
  • जारी किया 24 घंटे का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD)ने मध्य प्रदेश के कई इलाकों में घनघोर बारिश को लेकर एलर्ट जारी किया है. तवा, नर्मदा, शिप्रा, पार्वती, बेतवा और चंबल नदियां उफान पर हैं. कहा गया कि अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर बना दबाव कमजोर होकर कम दबाव का क्षेत्र बन जाएगा. पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश पर दबाव पिछले छह घंटों के दौरान 14 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और दमोह से लगभग 70 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व में केंद्रित था.

इस वजह से जगह-जगह जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है. 24 जिलों में मूसलाधार बारिश होगी जिसके कारण जनजीवन प्रभावित होगा. 

कौन-कौन राज्य इसकी चपेट में?
इस सिस्टम की वजह से पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश के साथ अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की उम्मीद है. मध्य महाराष्ट्र में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और पूर्वी मध्य प्रदेश, दक्षिण उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान और उत्तरी गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है. अगले दिन के लिए, मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने दक्षिण राजस्थान और इससे सटे उत्तरी गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अधिकांश स्थानों पर बारिश की भविष्यवाणी की है. मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. 24 अगस्त को दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है.

नुकसान की आशंका
अगले 12 घंटों के दौरान सिस्टम सेंटर के आसपास पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में 30-40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण उत्तर प्रदेश में 25-35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं नुकसान पहुंचा सकती हैं.आईएमडी ने इस क्षेत्र में संभावित बाढ़ के कारण सड़कों और तटबंधों के टूटने की भी चेतावनी दी है. भारी बारिश की वजह से विजिबिलिटी में कमी आ सकती है और जलभराव के कारण प्रमुख शहरों में यातायात बाधित हो सकता है. आईएमडी के वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी ने कहा कि डीप डिप्रेशन ओडिशा को पार कर चुका है और इसका कोई सीधा असर नहीं होगा.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement