अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस अस्पताल ले गई है. सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह 7:40 बजे आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. लंबे समय तक उपवास और निर्जलीकरण के कारण वे कमजोर हैं. हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, फिर भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. आइए जानते हैं सोनम वांगचुक को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने कैसे कार्रवाई की.
बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया अभियान
दिल्ली पुलिस के शीर्ष सूत्र को मुताबिक शनिवार सुबह जंतर-मंतर से समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने बेहद सुनियोजित तरीके से अभियान चलाया. सूत्रों के मुताबिक, नए पुलिस आयुक्त के कार्यभार संभालने के बाद हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इस ऑपरेशन की रणनीति तैयार की गई थी. वरिष्ठ अधिकारियों ने फैसला किया कि कार्रवाई एक दम सुबह की जाएगी, जब प्रदर्शनकारियों की संख्या सबसे कम होती है. पुलिस ने उस समय का भी चयन किया, जब वांगचुक के करीबी सहयोगी अभिजीत दिपके कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल से बाहर गए हुए थे.
सादे कपड़ों में बैरिकेडिंग वाले प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मी
करीब 30-35 पुलिसकर्मी, जिनमें नई दिल्ली जिले की स्पेशल स्टाफ और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे, सादे कपड़ों में बैरिकेडिंग वाले प्रदर्शन स्थल के भीतर पहुंचे. पुलिसकर्मियों ने पहले सोनम वांगचुक के बिस्तर को चारों तरफ से बड़ी सफेद चादरों से ढक दिया और फिर उन्हें मंच से हटाकर बाहर ले गए.
यह पूरा ऑपरेशन तीन स्तरों में दिया गया अंजाम
1. पहले स्तर पर सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने मंच को अपने नियंत्रण में लिया और वांगचुक को वहां से हटाया.
2. दूसरे स्तर पर सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने बैरिकेडिंग के बाहर प्रदर्शनकारियों को रोके रखा ताकि किसी तरह का टकराव न हो.
3. तीसरे स्तर पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एंबुलेंस और पुलिस वाहनों के पास बने कंट्रोल प्वाइंट से पूरे कार्रवाई की निगरानी करते रहे.
और एंबुलेंस लेकर पहुंच गई सफदरजंग अस्पताल
वांगचुक को जैसे ही एंबुलेंस में बैठाया गया, ट्रैफिक पुलिस ने उनके लिए रास्ता पूरी तरह साफ कराया, जिससे एंबुलेंस बिना किसी बाधा के सीधे सफदरजंग अस्पताल पहुंच गई. ऑपरेशन खत्म होने के कुछ ही देर बाद अभिजीत दिपके प्रदर्शन स्थल पर लौटे और आरोप लगाया कि उनकी गैरमौजूदगी में सोनम वांगचुक को वहां से हटाया गया. अभिजीत ने कहा कि अब वो अनशन करेंगे. हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से और अधिकतम संयम बरतते हुए की गई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी अपील की कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्वक जंतर-मंतर का प्रदर्शन स्थल खाली कर दें. आपको मालूम हो कि दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की जानकारी सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों को थी, इंस्पेक्टर लेबल के जो थे उन्हें सिर्फ मौके पर पहुंचने का आदेश था.