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500 गाय-भैंस, 38 गांवों का PDS वितरण रखने वाले परिवार की बेटी Rabri Devi कैसे बनी गरीब Lalu Yadav की दुल्हन? जानिए पूरा किस्सा

Lalu Rabri Marriage Story: जब लालू प्रसाद यादव 6 साल के थे, तब वो पढ़ाई के लिए पटना आ गए थे. पढ़ाई के दौरान लालू ने सियासत में लोकप्रियता हासिल की. एक जून 1973 को उनकी शादी राबड़ी देवी से हुई थी. राबड़ी देवी एक संपन्न परिवार से थीं और उनके घर में 500 गाय और भैंस थी. 38 गांवों का पीडीएस वितरण का काम भी उनके पिता के पास था.

'कितना राज, कितना काज' किताब में लालू यादव और राबड़ी देवी की शादी के किस्से का जिक्र है
शशिकांत सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एक गरीब परिवार में पैदा हुए थे और उनकी शादी एक इलाके के प्रभावशाली और संपन्न परिवार की लड़की राबड़ी देवी से हुई थी. लेकिन 500 गाय-भैंस रखने वाले और आलीशान घर वाले राबड़ी देवी की शादी लालू प्रसाद यादव से कैसे हुई? ये शादी एक दूरदर्शी सोच का नतीजा था. इसका जिक्र संतोष सिंह ने अपनी 'किताब कितना राज कितना काज' में किया है. चलिए आपको लालू यादव की एक बड़े घर की बेटी से शादी का पूरा किस्सा बताते हैं.

पिता के पास था 38 गांवों के पीडीएस का जिम्मा-
किताब के मुताबिक पूर्व सीएम राबड़ी देवी के पिता शिवप्रसाद चौधरी एक सरकारी ठेकेदार थे. वो पश्चिमी चंपारण में बेतिया और भैंसालोटन में पुल बनाने का काम करते थे. जब जन वितरण प्रणाली यानी पीडीएस सिस्टम लागू हुआ तो उनको बड़ा काम मिला. शिवप्रसाद चौधरी अपने गांव सेलार कला के आपपास के 38 गांवों में राशन का अनाज, शक्कर, घासलेट का वितरण करते थे.

कभी घर के दरवाजों पर थी सोने की परत-
राबड़ी देवी का परिवार शुरू से संपन्न और प्रभावशाली था. सेलार कला इलाके में उनके पिता का हर कोई सम्मान करता था. राबड़ी देवी के परिवार की संपन्नता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल 1934 में उनके परिवार के पास दो मंजिला पक्का का मकान था. उसमें पक्की छत और लकड़ी के पट्टे थे. किताब के मुताबिक लालू यादव के साले साधु यादव कहते हैं कि पूरे इलाके में उनके घर जैसा दूसरा घर नहीं था. एक वक्त ऐसा भी था, जब घर के दरवाजों पर सोने की परतें भी थी. घर के आगे सीमेंट के बने 4 हाथी इस परिवार के रसूख को बयां कर रहे थे.
जिस वक्त राबड़ी देवी की लालू यादव से शादी हुई. उस वक्त लालू यादव गरीब थे. लेकिन राबड़ी देवी एक रसूखदार परिवार से थीं. उस समय राबड़ी देवी के घर 500 गाय और भैंसें थी. पश्चिम बंगाल के जगतदल में एक गोशाला भी थी.

कैसे तय हुई राबड़ी और लालू की शादी-
राबड़ी देवी की पढ़ाई-लिखाई कुछ खास नहीं हुई है. उन्होंने 5वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. दरअसल स्कूल घर से 4 किलोमीटर दूर था. इसलिए पढ़ाई छोड़नी पड़ी. राबड़ी के पिता उनके लिए लड़का ढूंढ रहे थे. इसी बीच सेलार कला और फुलवरिया के बीच पड़ने वाले मादीपुर गांव के मुखिया ने चौधरी को पटना में पढ़ रहे एक योग्य लड़के के बारे में बताया. उन लड़के का नाम लालू प्रसाद यादव था. लालू यादव उन दिनों राजनीति में सक्रिय थे. साल 1970 में पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के महासचिव भी चुन लिए गए थे. उनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी. राबड़ी देवी के पिता अपने बेटी की शादी किसी संपन्न घर में कर सकते थे. लेकिन उनको लालू यादव का व्यक्तित्व भा गया. एक जून 1973 को उन्होंने 5 बीघा जमीन और 5 गाय देकर लालू यादव से अपनी बेटी राबड़ी देवी की शादी कर दी.

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